कोतवाली सदर क्षेत्र के गांव गोड़वा निवासी 55 वर्षीय श्रीकांत की शुक्रवार रात आठ बजे उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह खेत से शौच कर वापस आकर घर के बाहर सरकारी हैंडपंप पर हाथ-पैर धो रहा था। मृतक के पुत्र ज्ञानेंद्र उर्फ दीपू की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों पर हत्या करने, जबकि तीन पर साजिश रचने की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि पांच साल पहले रंजिशन हुए रामू हत्याकांड में भाई और भतीजों ने हत्यारोपी श्रीकांत की गोली माकर हत्या कर बदला लिया है।
मृतक के पुत्र दीपू ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि शुक्रवार की शाम पिता श्रीकांत खेत पर शौच के लिए गए थे। करीब आठ बजे वह शौच से वापस आए तो वह घर के बाहर लगे सरकारी हैंडपंप को चलाकर पिता के हाथ-पैर धुलवाने लगा, तभी पड़ोसी श्यामलाल संग उन्हीं के घर से निकलकर आए गांव के हेमराज और उसके साथियों थाना धौरहरा के गांव पचघरा निवासी पलटू, बब्बूलाल, रामसागर और श्रीराम के साथ श्रीकांत को घेर लिया और देखते ही देखते 312 बोर तमंचे से ताबड़तोड़ फायर करने लगे। पिता श्रीकांत के पैर, चेहरे और गर्दन पर छर्रे लगे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हत्यारे धमकी देते हुए भाग निकले। तहरीर में गांव पचघरा निवासी राधेश्याम, रामलखन और सुरेश पर हत्या करने की साजिश रचने और इसके बाद वारदात से एक दिन पहले गुरुवार को किसी मामले में सरेंडर कर जेल चले जाने का आरोप लगाया है। सरेराह हुई वारदात से गांव में दहशत फैल गई। फायरिंग की आवाज सुनकर गांव वाले एकत्र हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस चौकी शारदानगर इंचार्ज महेश गंगवार ने बताया कि मृतक के पुत्र दीपू की तहरीर पर छहों आरोपियों के खिलाफ हत्या और बलवा की रिपोर्ट दर्ज करते हुए तीन लोगों पर षड्यंत्र रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। सभी आरोपी फरार है, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि पुरानी रंजिश का मामला है। पांच साल पहले नदी पार स्थित धौरहरा के गांव पचघरा निवासी रामू पासी की हत्या गोली मारकर की गई थी, जिसमें श्रीकांत ओर उसका पुत्र दीपू आरोपी था। दोनों जेल गए थे और एक साल बाद छूटकर आए तो यहां रहने लगे थे। अब रामू के भाई और भतीजों ने बदले की भावना से इस घटना को अंजाम दिया है, जिनकी तलाश को टीमें गठित की गई है। जल्द ही सभी को जेल भेजा जाएगा।
खून के बदले खून से गोड़वा में दहशत
शारदानगर (खीरी)। पांच साल पहले अक्तूबर 2010 में धौरहरा के गांव पचघरा में रामू पासी की श्रीकांत और उसके पुत्र दीपू ने रंजिशन गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की माने तो रामू की हत्या भी घर के बाहर श्रीकांत और उसके बेटे दीपू ने घेरकर की थी, जिसमें दोनों जेल गए थे। उस घटना को लेकर रामू पासी के घर वालों में बदले की भावना बनी रही। यही वजह रही कि शुक्रवार रात रामू के भाई और भतीजों ने उसी अंदाज में श्रीकांत को घेरकर फायरिंग कर मार डाला।
धौरहरा के गांव पचघरा के मूल निवासी श्रीकांत का ननिहाल गोड़वा में है। वह अपने ननिहाल में रहता था। यहां से ही वह गांव पचघरा में भी खेती का काम संभालता था। पुलिस के अनुसार पचघरा में ही रामू से उसकी रंजिश हो गई थी। इसी के चलते पांच साल पहले श्रीकांत ने बेटे के साथ मिलकर रामू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में बाप-बेटा जेल चले गए थे। एक साल बाद जेल से छूटे थे। रामू की हत्या का मुकदमा अभी चल रहा है। शुक्रवार की रात रामू के भाई बब्बूलाल और भतीजों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। घटना से गांव समेत इलाके भर में दहशत फैल गई। सभी आरोपी फरार बताए गए हैं। हत्यारोपियों के परिवार वाले भी गांव छोड़कर भाग गए हैं। उधर मृतक श्रीकांत की पत्नी, दो पुत्रों और चार पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
षड्यंत्र रचने के बाद सरेंडर कर जेल चले गए तीन आरोपी
मृतक के पुत्र दीपू का कहना है कि गांव पचघरा निवासी राधेश्याम, रामलखन और सुरेश ने इस वारदात को अंजाम देने का षड्यंत्र रचा और हत्या के एक दिन पहले ही गुरुवार को तीनों पुराने मामले में सरेंडर कर जेल चले गए। हालांकि इस बाबत पुलिस चौकी इंचार्ज महेश गंगवार का सिर्फ इतना कहना है कि तहरीर के आधार पर तीनों के खिलाफ षड्यंत्र रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना में सभी आरोप स्पष्ट हो जाएंगे।