जिले में लूट की वारदातों से शुक्रवार की रात कई इलाके फिर थर्रा उठे। सदर कोतवाली के पिपरिया बाईपास गांव के नई बस्ती में सशस्त्र बदमाशों ने एक घर पर धावा बोलकर पुत्र को बांध दिया और असलहा दिखाकर घरवालों से एक लाख के जेवर और नगदी लूट ली। सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। दूसरी वारदात धौरहरा इलाके के दो गांवों में हुई, जिसकी भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
पुत्र को बांधकर घरवालों से नगदी-जेवर लूटे
लखीमपुर खीरी। नई बस्ती निवासी गंगाप्रसाद गुप्ता, उनके पुत्र सुशील और सुनील, बहू पूर्ति गुप्ता घर में सो रहे थे, तभी रात करीब दो बजे आठ बदमाश पिछले हिस्से की दीवार फांदकर अंदर दाखिल हो गए। बदमाशों ने कमरे में सो रहे सुनील के दोनों हाथ बांध दिए। इसके बाद पिता गंगाप्रसाद को तमंचा दिखाकर उनसे बहू पूर्ति के कमरे का दरवाजा खुलवाया। पीड़ितों के मुताबिक बदमाशों ने पूर्ति के कुंडल उतरवा लिए, इसके बाद सेफ में रखी झुमकी, तीन अंगूठी, पायल समेत तमाम जेवर, घड़ी, 1750 रुपये लूट लिए। बदमाशों के भागने के बाद घरवालों ने पुलिस को सूचना दी लेकिन काफी देर बाद पहुंची। गंगा प्रसाद ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
धौरहरा के दो गांवों में बदमाशों का धावा, लूटपाट
धौरहरा। कोतवाली क्षेत्र के गांव इंद्रानगर के मजरा सुजानपुर स्थित बंगाली कॉलोनी में शुक्रवार की रात करीब साढ़े 10 बजे आनंद राय के घर पर करीब छह बदमाशों ने धावा बोला दिया। आनंद राय और उनकी पत्नी को बदमाशों ने असलहों के बल पर कब्जे में कर लिया। 37 वर्षीय पत्नी दुलारी राय ने विरोध किया तो उनको बटों से पीटा, जिससे उनका सिर फूटा गया और सीने, हाथ तथा पीठ में चोटें आईं। इसी बीच पड़ोसी रवींद्र कुमार शोर सुनकर आ गए, जिससे बदमाशों ने उन्हें भी कब्जे ले लिया। इसके बाद बदमाश यहां से 20 हजार रुपये और 50 हजार के जेवरात समेत करीब एक लाख से अधिक का सामान लूट ले गए। भागते समय पड़ोसी बाबुल राय के सामने आने पर उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद बदमाशों ने पड़ोसी गांव पचासा में पूर्व कोटेदार रामस्वरूप के घर पर धावा बोल दिया। इसी दौरान पड़ोसी तेज प्रताप के वहां आ गए। बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए फायर भी किए और फरार हो गए। बंगाली कॉलोनी निवासी आनंद राय और पचासा निवासी पूर्व कोटेदार रामस्वरूप ने कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
हर रात लूट या फिर चोरी
लखीमपुर खीरी। नए साल पर हर रात चोरी और लूट की वारदात होने से लोग दहशत में हैं। बीते नौ दिनों में हर रात लूट अथवा चोरी की घटनाएं हुईं। लगातार वारदातें होने के बाद भी पुलिस खामोश है।
एक जनवरी
-पलिया में संपूर्णानगर रोड कीदुकान का चैनल और शटर तोड़कर 10 लाख रुपये का मोबिल ऑयल और टायर चोरी
-भीरा के गुलरिया बाजार में सेंध लगाकर मोबाइल की दुकान से एक लाख के पार्ट्स चोरी
-फरधान के लीलाकुंआ गांव में बदमाशों ने दो घरों में परिवार वालों को बांध करलाखों लूटे
दो जनवरी
-सिंगाही क्षेत्र के सहिजना गांव निवासी कुमेश के घर धावा बोलकर बदमाशों ने 15 हजार नगद और लाखों के जेवरों लूटे
-ओयल क्षेत्र के कादीपुर गांव में घरवालों को बांधकर 50 हजार की लूट
तीन जनवरी
-गढ़ी रोड की कांशीराम कॉलोनी में पाइप चोरी करते समय युवक पकड़ा गया
चार जनवरी
-बिलरायां में चीनी मिल के कर्मचारियों पर हमला कर आठ हजार लूटे
पांच जनवरी
निघासन के सिसैया गांव में लूट के इरादे से घुसे बदमाश, ग्रामीणों के ललकारने पर फायरिंग करते हुए फरार
-हैदराबाद में घर में घुसकर लूटपाट करने की कोशिश में एक बदमाश जख्मी
छह जनवरी
-मोहम्मदी में बैंक से नगदी लेकर जा रहे साइकिल सवार ग्रामीण से 22 हजार की लूट
-धौरहरा में बैंक से नगदी लेकर जा रहे ग्रामीण से 10 हजार रुपये की लूट
-फरधान क्षेत्र में हाईवे पर ट्रक से डेढ़ लाख रुपये की दाल चोरी।
सात जनवरी
-सदर कोतवाली के गढ़ी गांव में महिलाओं और बच्चों को बांधकर लाखों की लूटपाट
-नीमगांव के रोशननगर में युवक को अगवा किया, कुछ न मिलने पर मैलानी में छोड़ा
आठ जनवरी
-तिकुनियां के बनवारीपुर में बदमाशों ने घर में घुसकर लाखों का जेवर और नगदी लूटे
-भूपतिपुर में दो स्कूलों का ताला तोड़कर एमडीएम का सामान चोरी
-मोहम्मदी में एसडीएम आवास के सामने बदमाशों ने घर पर धावा बोलकर 2.38 लाख लूटे
एसपी अरविंद सेन से पांच सवाल
सवाल-क्या जिले मेें अपराध बढ़े हैं?
जवाब- सभी घटनाओं को दर्ज किया जा रहा है। हम घटनाएं दर्ज करने और बदमाशों को पकड़ने में कोताही नहीं बरतते। इससे स्वाभाविक है कि अपराध बढ़े हैं।
सवाल-अपराधों की रोकथाम के लिए क्या कर रहे हैं?
जवाब-गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सवाल-क्या गश्त व्यवस्था चुस्त नहीं थी?
जवाब-स्टाफ की कमी से दिक्कत आ रही है, लेकिन सभी स्टेशन अफसरों को मुस्तैद किया गया है। मैं खुद चेकिंग पर निकल रहा हूं।
सवाल-क्या चोरी और लूट पर अंकुश लग पाएगा?
जवाब-बिल्कुल लगेगा। सभी बदमाश जेल में होंगे तो घटनाएं तो रुकेंगी ही।
सवाल-क्या इसके लिए जनता भी जिम्मेदार है?
जवाब-बिल्कुल है। लोग घटनाओं को बढ़ाकर बताते हैं। घटनाओं को सही दर्ज कराना भी जरूरी है, क्योंकि विवेचना में अधिकतर वारदातों की सच्चाई सामने आने पर पीड़ितों का झूठ सामने आ रहा है।