पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा ने आनंद मोहन पर किया पलटवार
पूर्व मंत्री बोले-राम वाटिका से आनंद का नहीं है कोई वास्ता
भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा ने राम वाटिका प्रकरण में लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जो शख्स आरोप लगा रहा है, उसका राम वाटिका से कोई लेना देना नहीं है। आरोप लगाने वाले ने खुद ही आसपास के गांवों में स्थित कई ट्रस्टों की सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए आनंद मोहन त्रिवेदी ने रामवाटिका की जमीन हड़पने का आरोप भाजपा नेता रामकुमार वर्मा पर लगाया था। शुक्रवार को भाजपा नेता ने मोहल्ला कपूरथला स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पलटवार करते हुए कहा कि आनंद मोहन त्रिवेदी, जो आज राम वाटिका में हमारा नाम उछाल रहे हैं, उन्होंने अपने गांव के साथ-साथ हरिसिंहपुर, बाछेपारा, सुजईकुंडा सहित अन्य गांव में स्थित आठ से दस ट्रस्टों की सैंकड़ों बीघा जमीन पर विभिन्न नामों से कब्जा कर रखा है। कहीं पर इनका नाम आनंद मोहन तो कहीं पर धीरेंद्र मोहन के नाम से दर्ज है। पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अपना मकान तक बनवा रखा है। राम वाटिका की जमीन करीब 600 एकड़ थी, जो आज 85 एकड़ ही बची है। इसका खाता संतोष दास के नाम है और संतोष दास सुप्रीम कोर्ट से इस जमीन के मामले का मुकदमा भी जीत चुका है। पूर्वमंत्री ने कहा कि आनंद मोहन त्रिवेदी का धर्म तथा संस्कृति से कोई वास्ता नहीं है, उन्हें सिर्फ वहां की जमीन से मतलब है। पूर्व मंत्री ने कहा कि हम पर संतोष दास को गायब करने का आरोप लगा रहे हैं जबकि स्वयं आनंद ने उसे गांव से भगा दिया। पूर्व मंत्री ने कहा कि आनंद ने राम वाटिका के लिए लाखों रुपये का चंदा इकट्ठा किया है और जब कस्बे वाले इसके बारे में पूछते हैं तो वह बेबुनियाद आरोप लगाने लगते हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि राम वाटिका एक धार्मिक स्थल है, जिससे लोगों की श्रृद्धा और भावनाएं जुड़ी हुईं हैं। इस पर किसी को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।