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झोलाछाप के इलाज से जोखिम में पड़ी जान

Fri, 24 Jun 2016 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ/ममरी।
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health - फोटो : amar ujala
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जिंदगी मौत से जूझ रहा है लोकराम
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पति की जान बचाने को नहीं बची फूटी कौड़ी
क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से अपनी क्लीनिक सजाकर इलाज के नाम पर मरीजों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। नगर और गांव की गली, मोहल्लों में कहीं पेड़ के नीचे तो कहीं छोटी सी दुकान में झोलाछाप मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करते देखे जाते हैं। ऐसा ही एक मरीज झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। जिसके  पास जिंदगी बचाने के लिए फूटी कौड़ी भी नहीं है। मरीज की पत्नी ने झोलाछाप के विरुद्ध हैदराबाद थाना में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हैदराबाद थाना में दर्ज कराई रिपोर्ट में गांव अयोध्यापुर निवासी लोकराम की पत्नी गीता देवी ने कहा है कि उसके पति ने दो जून को तेज बुखार आने पर गांव के ही एक झोलाछाप से इलाज कराया, जिसमें डॉक्टर ने उसके दाहिने कूल्हे में इंजेक्शन लगाकर कुछ दवाइयां खाने को दीं। जिसके बाद उसका पति असहनीय दर्द से चिल्लाने लगा। जब वह दोबारा झोलाछाप के पास गई तो उसने इंजेक्शन वाली जगह पर लगाने वाली दवाई देकर उसे टरका दिया, लेकिन दर्द से वह रात भर चिल्लाता रहा। तीन जून को वह अपने पति लोकराम को लेकर नगर के एक नर्सिंग होम में गई जहां उसे दो दिन भर्ती रखा गया। फिर भी फायदा न होने पर पांच जून को धनवंतरि हास्पिटल लखीमपुर ले गई वहां डॉक्टर ने उसके पति को नौ दिन भर्ती रखा। फायदा न होने पर वह अपने पति को लखनऊ के फैमिली हास्पिटल लेकर गई, जहां 24 घंटे भर्ती रखने के बाद डॉक्टर ने बताया कि उसके पति का पैर पूरी तरह सड़ गया है, अब यह सही नहीं हो पाएगा, काटना पड़ेगा। इतने  इलाज में उसकी सारी जमा पूंजी खर्च हो गई है। वह थक हारकर अपने पति को घर ले आयी। उसके आगे पति की इलाज के साथ रोजी रोटी का भी संकट उत्पन्न हो गया है। पीड़ित की पत्नी गीता ने रिपोर्ट दर्ज कराकर झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कराने की मांग की है।
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वैन से उठती थी सड़ांध की भभक
रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद गीता अपने पति लोकराम को मारुति वैन में लेकर दोपहर जब सीएचसी पहुंची तो वैन खुलते ही उठी सड़ांध की भभक से मौजूद लोग अपने मुंह पर कपड़ा लगाकर दूर हट गए। पीड़ित के साथ आए वकील लालबिहारी वर्मा ने डॉक्टर से इलाज के लिए कहा। तो सीएचसी प्रभारी डॉ कमलेश ने बताया कि मरीज की स्थिति ज्यादा खराब है इसका यहां इलाज संभव नहीं है।  उन्होंने तत्काल एंबुलेंस से मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उनका कहना है कि मरीज का पैर भी काटना पड़ सकता है।
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पति का इलाज और जीविका का संकट
झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराकर जहां एक ओर लोकराम की जिंदगी खतरे में है वहीं उसकी पत्नी गीता के आगे अपने पति के इलाज और तीन छोटे बच्चों को लेकर जीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। उसके साथ आए गांव वालों और वकील लालबिहारी वर्मा ने बताया कि जो इसके पास जमा पूंजी थी वह पहले ही  इलाज में खर्च हो चुकी है। लोकराम भूमिहीन है, वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। सीएचसी में मौजूद लोग झोलाछाप को कोस रहे थे।
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