लखीमपुर खीरी। थाना निघासन के गांव ढखेरवा चौराहा पर एक दबंग युवक ने बृहस्पतिवार की शाम पड़ोसी के घर में आग लगा दी और भाग निकला। बच्चे की चीखपुकार सुनकर पहुंचे लोगों ने पहुंच कर आग पर काबू पाया, लेकिन बालक झुलस गया। पुलिस ने झुलसे बालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बालक के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए हैं।
गांव ढखेरवा चौराहा निवासी रामप्रसाद ने बताया कि वह चौराहा पर स्थित एक चाय के होटल पर मजदूरी करता है। पड़ोस का एक युवक उसकी जमीन छीनकर भगाना चाहता है। इसी वजह से वह पहले भी उसके और उसके बेटे के साथ मारपीट कर चुका है। बृहस्पतिवार की सुबह वह होटल पर मजदूरी करने चला गया। घर पर उसकी बीमार पत्नी शांती, पुत्र रामगोपाल (12 ) और राममूर्ति (5) थे। शाम करीब आठ बजे राममूर्ति गांव में चला गया। इसी बीच आरोपी घर में घुस आया। छप्परपोश घर में आग लगा दी और भाग निकला। पुत्र के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर आ गए और जल रही टटिया और पुत्र को किसी तरह से बचाया। झुलसे पुत्र को लेकर वह पहले पुलिस चौकी ढखेरवा फिर थाना निघासन पहुंचा, जहां पुलिस ने झुलसे पुत्र रामगोपाल के बयान लिए। उधर, डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक रामगोपाल 40 प्रतिशत झुलसा है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस करती कार्रवाई तो दबंग नहीं जुटा पाता हिम्मत
लखीमपुर खीरी। किसी तरह मेहनत मजदूरी कर दो बच्चों और बीमार पत्नी का पेट पाल रहा रामप्रसाद आज गरीबी को कोस रहा है। वह कहता है कि करीब पांच महीने पहले पड़ोसी आरोपी दबंग युवक ने उसके पुत्र को लकड़ी के थंभर में बांधकर पीटा था। उसकी भी पिटाई कर चुका है। दोनों मामलों की चौकी और थाना पर तहरीर दी गईं, लेकिन पुलिस ने उसकी कोई फरियाद नहीं सुनी। उसका कहना है कि पुलिस यदि पहले के मामलों में कार्रवाई कर देती तो शायद घर को जलाने की कोशिश न करता। ग्राम ढखेरवा चौराहा निवासी रामप्रसाद बताते हैं कि पांच साल से उसकी पत्नी बीमार होने के कारण बिस्तर पर पड़ी है। वह चलने फिरने में भी पूरी तरह से असमर्थ है। वह बच्चों के साथ एक वक्त की रोटी खाकर पत्नी का भी इलाज करा रहा है। आरोपी कोतवाली धौरहरा क्षेत्र के गांव अभयपुर का रहने वाला है। उसे नाना की संपत्ति मिली है। वह कई सालों से नाना के घर में ही रहता है। पास में उसका घर होने के कारण वह परेशान कर उसकी जमीन छीनने के प्रयास में है। रामप्रसाद बताते हैं कि करीब छह महीने पहले गांव के कुछ बच्चों के साथ उनका पुत्र कंचा खेल रहा था। तब आरोपी दबंग ने उसके पुत्र को एक लकड़ी के थंभर में बांधकर पीटा था। उसके एक महीने बाद नशे की हालत में उसके हाथ पर भी लाठी मार दी थी। दोनों मामलों की तहरीर उसने पुलिस चौकी ढखेरवा और थाना निघासन पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। नतीजतन ग्रामीणों ने बाद में सुलह समझौता करा दिया। इससे आरोपी की हिम्मत बढ़ गई।
इलाज के पैसे भी नहीं, रात भर ठंड से कांपता रहा पिता
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में रामगोपाल भर्ती है। उसका पिता रात भर ठंड में कांपता रहा। किसी तरह से उसने रात गुजारी। बेहद गरीब रामप्रसाद बताते हैं कि उनके आगे-पीछे कोई नहीं है। जब घर से झुलसे पुत्र को लेकर चले तो उसके पास सिर्फ एक लोटा और हल्की कथरी थी। उसके पास एक भी पैसा नहीं है। अस्पताल की ओर से भर्ती पुत्र के लिए दाल और रोटी आई थी।
झुलसे बालक लखीमपुर जिला अस्पताल में भर्ती है। अभी पिता की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।
- संजय त्यागी, प्रभारी निरीक्षक थाना निघासन