गांव देवीपुरवा में मां और उसके ढाई साल के मासूम बेटे का शव लटका मिलने से गांव का हर कोई व्यक्ति आहत है। मां-बेटे की फांसी लगने से मौत हुई या उन्हें लटकाया गया, इस बात का खुलासा तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा, लेकिन सवाल यह है कि ऐसी क्या बात थी जिससे दिल के टुकड़े के साथ एक मां को अपनी भी जान देनी पड़ी।
गांव देवीपुरवा निवासी सुधा और उसके ढाई साल के पुत्र विकास का गला एक ही साड़ी के फंदे से कसा था। दोनों के शव अंदर टिनशेड की बल्ली से लटक रहे थे। मां-बेटे की मौत से गांव के लोग आहत हैं। सुधा ने अपने मासूम के साथ आत्महत्या की या फिर उसे मारकर लटकाया गया। इस बात की प्रमाणित रूप से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही पुष्टि होगी। हालांकि पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या ही मान रही है। कोई भी व्यक्ति मामूली बातों पर अपनी जान नहीं देता है। आखिर ऐसी क्या बात थी कि जिसके कारण मां-बेटे को अपनी जान गंवानी पड़ी? मृतका के भाई की मानें तो पति-पत्नी के बीच आए दिन मारपीट होती थी। इससे उसकी बहन भी काफी परेशान रहती थी।