जलालाबाद (शाहजहांपुर)। कोतवाली क्षेत्र के गांव झौहना स्थित बहनोई के घर रह रहे युवक की मंगलवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार सुबह उसका शव गांव के बाहर शिवाला खेत के पास औंधे मुंह पड़ा मिला। उसके गले में निशान होने की वजह से बहन-बहनोई ने हत्या की आशंका जाहिर की है। सूचना मिलने पर सीओ ब्रह्मपाल और इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश शुक्ला पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और मामले की जानकारी कर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
कांट क्षेत्र के गांव पडरीलाल निवासी 36 वर्षीय सुखपाल वर्मा करीब दस वर्ष से अपने बहनोई पप्पू वर्मा के घर जलालाबाद के गांव झौहना में रह रहा था। उनके यहां रहकर जानवरों और खेती की देखभाल करता था। पप्पू के मुताबिक सुखपाल रात करीब आठ बजे गांव के बाहर लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित खेत में शिवाला की फसल देखने गया था। सुबह उसका शव खेत पर नलकूप के चबूतरे के पास औंधे मुंह पानी में पड़ा था। मृतक का मोबाइल भी पास में ही पड़ा था लेकिन उसकी सिम व चिप गायब थी। बहनोई पप्पू व बहन शांति ने बताया कि सुखपाल के गले में लाल निशान नजर आ रहे हैं। इससे लग रहा है कि उसकी किसी ने हत्या की है। हालांकि पप्पू ने किसी से भी रंजिश से इंकार किया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। मृतक दो भाई था और चार बहनें हैं, जिनमें सभी की शादी हो गई है। बहन शांति देवी पप्पू को ब्याही है। छोटा भाई महेश गांव में रहता है। उसके पिता रामेश्वर और मां की मौत हो चुकी है। सुखपाल की पहले शादी कुसुमा से हुई थी, उसकी मौत के बाद उसकी शादी नन्ही देवी से हुई लेकिन वह उसे छोड़कर कही चली गई। उसके बाद से वह अकेला था और उसके कोई संतान नहीं थी।
मृतक के शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं है। पप्पू की सूचना के आधार पर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
चंद्र प्रकाश शुक्ला, इंस्पेक्टर जलालाबाद
मृतक के हिस्से की जमीन तो नही बनी मौत का कारण
जलालाबाद। सुखपाल की मौत की खबर सुनकर अन्य बहनें झौहना गांव आईं तो बहन शांति और बहनोई से झगड़ा करने लगीं। उन लोगों ने बहनोई पर ही शक जताना शुरू कर दिया। लेकिन पुलिस ने गहराई से जांच की बात कहकर मामले को शांत किया।
गांव पडरीलाल निवासी रामेश्वर के चार बेटी व दो बेटे थे। उनकी बड़ी बेटी सुशीला शाहाबाद, उससे छोटी किरन सुजावलपुर, उससे छोटी शांति झौहना व सबसे छोटी श्रीदेवी कटरिया गांव में रह रही है जबकि छोटा लड़का महेश अपने बाल बच्चों के साथ गांव में ही रहता है। रामेश्वर के नाम 25 बीघा जमीन थी। उनकी मौत के बाद जमीन दोनों बेटों को मिल गई। बड़ा बेटा सुखपाल अपनी बहन शांति के यहां रहने लगा, इस बीच दोनों भाइयों ने जमीन बेचनी शुरू कर दी। मौजूदा समय दोनों के पास पांच-पांच बीघा जमीन ही शेष बची थी। करीब पंद्रह दिन पहले सुखपाल ने अपने हिस्से से ढाई बीघा जमीन गांव पडरीलाल के ही एक व्यक्ति के हाथ बेच दी। भाई की मौत की खबर पाकर गांव पहुंची अन्य बहनों का आरोप था कि उसके भाई को जमीन के लालच में ही उसकी बहन शांति ने अपने पास रख लिया था और उससे जमीन बिकवाकर सारी रकम ऐंठने के बाद उसे मार दिया। इस बात को लेकर यहां पहुंची अन्य सभी बहनों का अपनी बहन शांति व बहनोई पप्पू से काफी देर तक गांव वालों के सामने कहासुनी भी हुई। कोतवाल ने बताया कि सुखपाल की मौत की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।