अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी(मझगईं/ममरी)। चौकी क्षेत्र के गुलरा गांव में बाघ ने मवेशियों पर हमला बोल दिया। बाघ के हमले में एक बैल गंभीर रूप से जख्मी हो गया। वहीं चरवाहों ने हमले के बाद भागकर अपनी जान बचाई। सूचना पर पार्क कर्मियों ने मौका मुआयना किया है। साथ ही लोगों को उधर न जाने की हिदायत भी दी है। उधर मोहम्मदी महेशपुर रेंज के सहजनियां जंगल से सटे अयोध्यापुरी सुंदरपुर गांव के बीच खेतों में बाघ के देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना वन कर्मियों को दे दी गई है जिन्होंने बाघ होने की पुष्टि की है।
चौकी क्षेत्र के गांव भगवंतनगर गुलरा निवासी बिहारी कई लोगों के साथ गांव के उत्तर पुरैना तालाब के पास अपने मवेशियों को चरा रहे थे। इस दौरान गन्ने के खेत में छिपे बैठे बाघ ने मवेशियों पर हमला बोल दिया। कुछ दूर पेड़ की छांव में बैठे चरवाहे बाघ के हमले से घबराकर शोर मचाकर भाग खड़े हुए। उधर बाघ भी चरवाहों के शोर मचाने से जंगल की ओर चला गया। सूचना पाकर घटना स्थल पर पहुंचे डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम भार्गव, प्रताप सिंह और आस मुहम्मद ने मौका मुआयना किया। बाघ के हमले में बिहारी का बैल गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। जिसका पार्क कर्मियों ने इलाज कराया और परियोजना अधिकारी ने लोगों को घटनास्थल की तरफ न जाने के साथ मवेशी न चराने की हिदायत दी। बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
ममरी। अयोध्यापुर के अवधेश वर्मा खेत में लेबर संग दवा का छिड़काव और धान की सिंचाई करा रहे थे। वह जैसे ही खेत के दूसरे सिरे पर पहुंचे वैसे ही उन्हें नाले में बाघ बैठा दिखाई दिया जिसे देखते ही भगदड़ मच गई। खेतों में काम कर रहे अयोध्यापुर के हुकुमचंद, चंद्रिका प्रसाद, किशनपाल, सुंदरपुर के वीरेंद्र कुमार, सियाराम, विश्राम आदि ग्रामीणों के शोर मचाने व आग जलाने पर बाघ नाले से उठकर जंगल में चला गया। बीडीसी सदस्य रामकुमार वर्मा ने बताया कि बाघ के पग चिन्ह खेतों में बने हुए हैं जिसकी दहशत से मजदूरों ने गन्ने की बंधाई करना और खेतों में जाना बंद कर दिया है। बाघ अपना डेरा सहजनियां और घमहाघाट जंगल के बीच कठिना नदी की तराई के खेतों में जमाए हुए है। गनीमत यह रही कि बाघ के किसी भी पर हमला नहीं किया। सूचना वन कर्मियों को दे दी गई है। फॉरेस्टर कृष्ण कुमार, वनरक्षक नेता रामप्रसाद आदि वनकर्मियों ने भी बाघ के मौजूद होने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि बाघ किसी शिकार का पीछा करते हुए वहां पहुंच गया होगा, जिसकी चहल कदमी पर नजर रखी जा रही है साथ ही ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।