लखीमपुर खीरी। गुजर रहे साल में जिले की कानून व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी रही। अपराधों की सबसे ज्यादा शिकार आधी आबादी रही। कहीं सरेराह किशोरी का हाथ काट दिया गया तो कहीं रेप और रेप के बाद हत्या की वारदात हुई। यहां तक की मासूम बच्चियों के साथ भी हैवानियत हुई। अपराधों को रोकने के लिए कई कवायदों के बाद भी इन पर लगाम नहीं लग सकी। जिले में आए दिन ही लूट और चोरी की वारदातें हुईं हैं, लेकिन पुलिस इन पर भी अंकुश लगाने में नाकाम रही है।
किशोरी के सरेराह हाथ काटने से हिल गया था जिला
घटना 23 अगस्त की है। एक 16 वर्षीय किशोरी निघासन रोड पर जा रही थी। एकतरफा प्रेम करने वाले सिरफिरे ने सरेराह किशोरी पर तलवार से कई प्रहार किए थे, जिससे उसके एक हाथ की कलाई से पंजा कट गया था। सिर और दूसरे हाथ में भी गहरे जख्म हो गए थे। इस घटना से जिले के लोग कांप उठे। इसकी गूंज प्रदेश भर में हुई। हालांकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और एनएसए की कार्रवाई भी की।
पशु तस्करों ने दरोगा को मारी थी गोली
गुजरा साल पुलिस के लिए अच्छा नहीं रहा। 21 अगस्त 17 की रात पशु तस्करों ने चेकिंग के दौरान वाहन रोकने पर मैगलगंज में तैनात दरोगा सूर्यमणि यादव को गोली मारकर घायल कर दिया था। गोली दरोगा के सीने में जा धंसी थी। इस घटना से जिले में अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि बाद में हरकत में आई पुलिस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सिपाही का हत्यारोपी इनामी बग्गा नहीं चढ़ा हाथ
वर्ष 2014 में कोर्ट में पेशी पर लाया गया थाना सिंगाही क्षेत्र के मांझा निवासी बग्गा ने अपने साथी डालू के साथ कचहरी में सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी और दोनों भाग निकले थे। कुछ समय बाद पुलिस ने डालू को निघासन में हुई एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था, जबकि बग्गा सिंह भाग निकला था। उस पर 50 हजार का इनाम है, लेकिन 2017 में भी वह पुलिस के हाथ नहीं लगा।
ऑनर किंलिंग की घटना से दहल उठा जिला
18 मई 17 को थाना नीमगांव क्षेत्र में ऑनर किलिंग की घटना हुई थी। युवती के परिवारवालों ने युवती और उसके प्रेमी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी, इससे लोग दहल उठे थे।
मोहन को पकड़ने में पुलिस को मिली सफलता
वर्ष 2017 में पुलिस को कई सफलताएं भी मिलीं। सदर कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2016 में आठ वर्षीय बालिका की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी मोहन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो 30 मार्च को जेल से भाग निकला था। पुलिस ने दो महीने पहले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
छेड़छाड़ रोकने में नाकाम रहा एंटी रोमियो अभियान
सूबे में भाजपा की सरकार बनने के तुरंत बाद एंटी रोमियो टीमें गठित की गईं थी। शुरुआती दौर में तो यह टीमें काफी सक्रिय दिखाई दीं, लेकिन ज्यों-ज्यों समय गुजरता गया, यह टीमें भी निष्क्रिय होती गईं। शहर में कुछ हद तक टीमें कामयाब रही, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में टीमों का गठन भी छेड़छाड़ नही रोक पाया।
महिला उत्पीड़न के मामलों में कड़ी प्रभावी कार्रवाई हुई हैं। यूपी 100 से अपराध रोकने में काफी मदद मिला है। अपराधियों और अपराधों की रोकथाम के लिए रणनीति बनाकर काम किया जा रहा है। इसमें काफी हद तक पुलिस को सफलता भी मिली है।
डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी खीरी