लखीमपुर खीरी/गौरीफंटा।
दुधवा नेशनल पार्क की सीमा पर विवादित गौरीफंटा मंडी में अवैध तरीके से बनाई गई एक दुकान को शुक्रवार की सुबह पार्क कर्मियों ने उजाड़ दिया और उसका मलबा, दुकान का सामान जब्त कर लिया। उधर, केवल एक दुकान पर की गई कार्रवाई से नाराज दुकानदार की पत्नी ने वन कार्यालय पहुंचकर केरोसिन डाल लिया और आत्मदाह की कोशिश की, जिससे वहां हड़कंप मच गया। पलिया एसओ ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और महिला को समझाकर किसी तरह से शांत कराया।
गौरीफंटा मंडी में नरेश गुप्ता ने वन भूमि पर सुरेश गुप्ता के बगल में एक दुकान का निर्माण कर उसमें कपड़े की दुकान खोली थी। वन विभाग ने बीते सप्ताह सुरेश गुप्ता और अन्य दोनों दुकानदारों को अवैध निर्माण हटाने की हिदायत दी थी, लेकिन निर्माण न हटाने पर शुक्रवार की सुबह करीब पांच बजे पार्क वार्डन के नेतृत्व में गौरीफंटा रेंजर दीपचंद, वनकटी, सठियाना, चंदनचौकी रेंज के कर्मचारियों के साथ टीमें मंडी पहुंचीं। टीमों ने नरेश गुप्ता की दुकान को तोड़कर मलबा तथा दुकान का माल, कपड़ा आदि जब्त कर लिया। सुबह वन कर्मियों की कार्रवाई के चलते मंडी में अफरा तफरी मच गई। उधर, सामान जब्त होने के बाद पलिया से गौरीफंटा रेंज कार्यालय पहुंची नरेश गुप्ता की पत्नी अनिल देवी ने रेंजर पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया।
बोलीं, वनकर्मियों ने केवल उनकी ही दुकान तोड़ी, जबकि अन्य दो दुकानों को छुआ भी नहीं, जबकि उनका भी नया निर्माण हुआ है। उन्होंने दूसरे दुकानदारों से मोटी रकम लेने का आरोप लगाते हुए अनिल देवी ने वन कार्यालय के आगे सभी के सामने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने माचिस जलाने पर बुझा दी। जानकारी मिलने पर गौरीफंटा कोतवाल के छुट्टी पर होने के कारण पलिया एसओ विपिन कुमार सिंह दलबल के साथ गौरीफंटा कोतवाली पहुंचे। उन्होंने महिला को समझाने का प्रयास किया। काफी समझाने पर महिला मानी। एसओ विपिन कुमार सिंह ने बताया कि जब्त किया गया दुकान का सामान वापस लौटा दिया गया है। दोबारा दुकान न लगाने की बात भी कही है। उन्होंने बताया कि अन्य दो दुकानों को हटाने के लिए अलग से फोर्स उपलब्ध होगी तब आगे की कार्रवाई की जाएगी।