लखीमपुर खीरी। थाना नीमगांव क्षेत्र की एक महिला की तीसरे दिन जिला अस्पताल में मौत हो गई। महिला के मायके वालों ने पति-सास समेत अन्य ससुरालीजनों पर जबरन जहर पिलाकर मार डालने का आरोप लगाया है। उधर थाना भीरा क्षेत्र के एक ग्रामीण ने पेट में उठने वाले दर्द से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों शव घर वालों को सौंप दिए हैं।
थाना नीमगांव के गांव रायपुर निवासी स्वामी दयाल ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्र रेनू (32) का विवाह 13 साल पहले गांव भनवापुर निवासी रविंद्र के पुत्र बबलू के साथ किया था। उन्होंने बताया कि पति बबलू की आदतें ठीक नहीं थीं। वह शराब पीता था और जुआ खेलता था, जिसका पुत्री रेनू विरोध करती थी। इस पर पति और ससुराल के अन्य लोग पुत्री को मारपीट कर प्रताड़ित करते थे। पति ने पुत्री के गहने और घर का अन्य सामान भी बेच दिया। आरोप है कि बुधवार को पति ने उसकी पुत्री रेनू की पहले जमकर पिटाई की। बाद में उसे जहर खिला दिया। इसकी जब जानकारी मायके वालों को हुई तो वह लोग मौके पर पहुंचे और रेनू को जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया, जहां शनिवार को रेनू ने दम तोड़ दिया। मृतका के पिता ने पति-सास आदि के खिलाफ थाना नीमगांव पुलिस को तहरीर दी है। उधर थाना भीरा के गांव रंजीतनगर निवासी छत्रपाल ने बताया कि उनके पिता चेतराम (65) के पेट में अक्सर तेज दर्द उठता था। काफी उपचार के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ। इससे पिता काफी परेशान थे। शुक्रवार की दोपहर पिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम को पिता की मौत हो गई। उसने बताया कि इससे पहले भी पिता कई बार फंदा लगाकर तो कहीं जहर खाकर जान देने की कोशिश भी कर चुके हैं।