फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईवे पेड़ से टकराई बारातियों से भरी बस, 23 घायल

विज्ञापन
विज्ञापन
फरधान (लखीमपुर खीरी)। हापुड़ से बारात लेकर बहराइच जिला जा रही एक डबल डेकर बस पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर थाना फरधान क्षेत्र में आधारपुर के पास ट्रॉली से टकराकर पेड़ से भिड़ गई। बस में बच्चों को मिलाकर करीब 150 लोग सवार थे। हादसे में बच्चों समेत 23 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उपचार के बाद 17 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। महिलाओं समेत छह लोगों की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया।
विज्ञापन

हादसा सोमवार की देर शाम करीब 9.30 बजे हुआ। हापुड़ जिले के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव सरावनी से रिजवान की बारात लेकर डबल डेकर बस बहराइच जिले के नवाबगंज जा रही थी। फरधान क्षेत्र में आधारपुर गांव के पास एक सरिया-सीमेंट लादकर लखीमपुर की ओर से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में बस टकराकर अनियंत्रित हो गई और हाईवे के किनारे लगे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पेड़ टूटकर जमीन पर गिर गया। बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। शोरशराबा और तेज धमाका सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण शीशा आदि तोड़कर बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। इसी बीच मौके पर पहुंचे एसओ शिवानंद यादव ने घायल हुए 23 बारातियों को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद 17 घायलों को छुट्टी दे दी। गंभीर घायल ताहिर 32, शाबिर 34, आयशा परवीन 22, मुजाहिद, 26, रेहान 6, आदिल 12 को भर्ती कर लिया, जिनका उपचार चल रहा है।

मदद के नाम पर बारातियों से की लूटपाट
महिलाओं के गहनों पर भी साफ किया हाथ
एक लाख से अधिक की नकदी और जेवर ले गए युवक
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी/फरधान। पीलीभीत हाईवे पर एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई। दुर्घटनाग्रस्त हुई डबल डेकर बस में फंसे घायलों को बाहर निकालने के दौरान कुछ लोगों ने बारातियों की जेब में रखी नकदी, महिलाओं के जेवर और पर्स लूट लिए। जिला अस्पताल में भर्ती घायल इस घटना से काफी आहत है। घायलों का कहना है कि उनके साथ जो हुआ इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में भर्ती हापुड़ जिले के गांव सरावनी निवासी ताहिर, आयशा परवीन और शाबिर आदि ने बताया कि बारात लेकर बस गांव से सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे निकली थी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद जब बस में चीखपुकार मची तो करीब 10-15 लोग अंदर घुस आए और घायलों को बाहर निकालने के साथ उनकी जेबों में रखी नकदी भी निकाल ली। महिलाओं की पर्स, जेवर भी लूट लिए। मदद के नाम पर घायलों को बाहर निकाल रहे कुछ युवकों ने आयशा परवीन के नौ हजार रुपये, जेवर समेत कई महिलाओं और बारातियों के साथ लूटपाट की। घायल ताहिर ने बताया कि उनके पास जो भी नकदी थी, वह लोगों ने निकाल ली। अस्पताल में भी उन लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उपचार के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। उधर एसओ शिवानंद यादव का कहना है कि लूटपाट होने की उन्हें जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें