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19 दिन बाद भी हत्या और लूट का नहीं हुआ खुलासा

Fri, 26 Feb 2016 07:59 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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सदर कोतवाली के मोहल्ला महाराजनगर में हुई ब्रेड कारोबारी की हत्या के मामले का 19 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। जबकि इस मामले में दो लोगों के खिलाफ नामजद मुुकदमा दर्ज है। वहीं खीरी थाना क्षेत्र में कीरतपुर गांव के पास इलाहाबाद बैंक अमृृतागंज शाखा की मैनेजर से हुई सात लाख की लूट मामले में बदमाशों की सुरागरसी में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
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बता दें कि सात फरवरी 2016 की रात मोहल्ला महाराजनगर में किराए के मकान में रहकर ब्रेेड का कारोबार करने वाले लालता प्रसाद गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। दूसरे दिन बाहर से लगाए गए ताले को ताोड़कर पुलिस और परिवार वाले अंदर दाखिल हुए थे। कमरे में बेेड पर खून और लालता प्रसाद का शव बरामदे में मिला था। उसके गले में नायलॉन की रस्सी कसी थी और उसका सिर पानी भरी बाल्टी में डूबा पड़ा था। मृतक के भाई सोमी गुुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुुकदमा दर्ज किया था तो कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गुलाब शंकर पांडेय ने जांच शुरू की थी। खास बात यह है कि मृृतक का मोबाइल भी बरामद हुआ था, जिससे कातिलों तक पहुंचने के लिए सुराग हासिल होने की उम्मीद थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने रुपये के लेन देन के चलते हत्या की आशंका जताई थी। इसी आधार पर मृतक के भाई ने आरोप लगाए थे। एक पखवाड़े से अधिक समय बीतने के बावजूद पुलिस इस मामले में खुलासा करना तो दूर कातिलों के बारे में सुराग हासिल नहीं कर सकी है। वहीं नामजद आरोपियों से पूछताछ में पुलिस कोई क्लू हासिल नहीं कर सकी, बल्कि पुलिस उन्हें भी निर्दोष मान रही है।
दूसरी घटना आठ फरवरी 2016 को खीरी थाना क्षेत्र में कीरतपुर गांव के पास हुई, जिसमें लखीमपुर से सात लाख रुपये कैश लेकर अमृृतागंज बैंक शाखा जा रही मैनेजर मंदाकिनी गुप्ता की कार रोककर रुपये से भरा बैग लूट लिया गया था। फिल्मी स्टाइल में हुई वारदात से पुलिस में हड़कंप मच गया था। इस मामले में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर लूट का मुकदमा सदर कोतवाली में दर्ज कराया गया और मामले की जांच सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गुलाब शंकर पांडेय को दी गई। घटना के खुलासे को क्राइम ब्रांच और सर्विलांस की मदद ली गई, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। सूत्रों की माने तो लुटेरे बहुत ही शातिर थे, क्योंकि वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि पुलिस के हाथ एक भी सुराग नहीं लगा है। इससे पुलिस की जांच घटना वाले दिन से वहीं पर अटकी है, क्योंकि बदमाशों की लोकेशन ट्रेस करने में सफलता नहीं मिली है। हालात यह हैं कि पुलिस बदमाशों के बारे में सुराग हासिल करने के लिए अंधेरे में हाथ पैर मार रही है।
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हत्या के मामले में नामजद आरोपियों से पूछताछ की गई है, लेकिन घटना में शामिल होने के कोई सबूत हासिल नहीं हुुए हैं। अभी मामले की जांच जारी है। लूूट की घटना में अभी बदमाशों की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई है, लेकिन क्राइम ब्रांच के साथ पुलिस टीम लगातार काम कर रही हैै।
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-गुलाब शंकर पांडेय, प्रभारी निरीक्षक
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