दौलतापुर और शंकरपुरवा गांवों में लगी आग से सात घर जलकर राख हो गए। अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल ने मौका मुआयना किया है। अग्निकांड के बाद इसमें कई परिवार खानाबदोश हो गए हैं।
पलिया तहसील क्षेत्र के गांव दौलतापुर में बृहस्पतिवार की रात आग लगने से मैना देवी के पांच हजार रुपये, सोने के कुंडल, नए कपड़े, बिस्तर, चारपाई, अनाज समेत हजारों रुपये का संपत्ति जलकर राख हो गई। वह मेहनत मजदूरी कर बच्चों का पेट पालती हैं। अग्निकांड के बाद उसके सामने काफी विषम स्थिति पैदा हो गई है। इसी प्रकार द्रौपदी के घर भी आग लगने से अनाज, बिस्तर समेत हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल शत्रोहन लाल ने निरीक्षण किया है।
उधर मझगईं परिक्षेत्र के गांव शंकर पुरवा में बृहस्पतिवार की शाम रामबहादुर के लड़के का तिलक था। जिसके लिए एक छप्पर के नीचे कढ़ाही में पूड़ियां बन रहीं थीं। इसी दौरान निकली किसी चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पड़ोसी धर्मपाल, बुद्धा, सोम्बारी, तिलकराम, हरिराम के छप्पर के घरों को चपेट में लेकर राख के ढेर में बदल दिया। इसमें धर्मपाल की आठ हजार रुपये की नकदी, तीन क्विंटल लाही, दो क्विंटल धान, दो साइकिलें, बेड, बुद्धा के 15 हजार रुपये, सोम्बारी के दस हजार रुपये और सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड का वाहन न आने पर खुद ही ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। सपा नेता वहीद खां और राजू चौरसिया ने अग्निपीड़ितों को ढाढ़स बंधाते हुए सहायता दिलाने का आशवासन दिया है।