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निर्माणाधीन मकान का पिलर गिरा, बच्चे की मौत

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खमरिया (लखीमपुर खीरी)। कसबा निवासी रामू मिश्रा के घर में भाई की शादी की खुशियों के बीच निर्माणाधीन मकान का पिलर गिरने से आठ वर्षीय मासूम की मौत हो गई। हालांकि परिवार वाले बच्चे को लेकर सीएचसी गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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थाना ईसानगर क्षेत्र के गांव चकमूसेपुर निवासी पुरुषोत्तम मिश्रा ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कस्बे में चार-पांच साल पहले मकान बनवाया था। बड़ा बेटा रामू गांव में ही परिवार सहित रहता है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा छोटू अपने परिवार के साथ खमरिया स्थित मकान में रहते हैं। तीसरे नंबर के पुत्र धीरज की शादी है। जिसमें शामिल होने के लिए सभी लोग यहां आए थे। धीरज की 15 मई को शादी है। बरात की घर में खुशी थी और सभी मेहमान आ चुके थे। मंगलवार की दोपहर घर में बाहर की ओर बने पिलर को पकड़कर बच्चे खेल रहे थे, जिसमें रामू मिश्रा का आठ वर्षीय पुत्र चंदन भी शामिल था। इसी बीच हिल रहा पिलर उसके ऊपर गिर गया। इससे चंदन का सिर फट गया और खून का फव्वारा फूट पड़ा। आनन फानन में पिलर हटाकर लहूलुहान चंदन को उठाया गया, लेकिन वह टस से मस न हुआ। बच्चे को उठाकर पिता रामू मिश्रा पास ही स्थित सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे का शव आते ही घर में कोहराम मच गया, जिससे खुशियों का माहौल गमगीन हो गया। बच्चे को लेकर पैत्रक गांव चकमूसेपुर सभी लोग चले गए, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मौत को दावत दे रहा था हिलता पिलर, किसी ने नहीं की परवाह
खमरिया (लखीमपुर खीरी)। कसबे में स्थित घर में हिलता पिलर मौत को दावत दे रहा था, लेकिन किसी ने यह तक नहीं सोंचा शादी के दौरान तमाम मेहमान और बच्चे होंगे, किसी पर यह गिर भी सकता है। घरवालों की मामूली सी अनदेखी के चलते बच्चे की जान चली गई।
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मृतक चंदन के बाबा पुरुषोत्तम और दादी ऊषा बिलखते हुए कहते हैं कि उन्हें क्या पता था कि छोटा सा पिलर गिर जाएगा। वह बार बार अपनी किस्मत को कोसते हुए कहते हैं कि यह दिन भी देखना था। वहीं चंदन के पिता रामू और मां गुड्डी भी रोते रोते बेहोश हो जा रही हैं। जिस घर में दोपहर तक खुशियां थी, वहां अब सिर्फ गम छाया है। पुरुषोत्तम कहते हैं अब शादी की खुशियां पोते के गम में फीकी पड़ गई हैं। कल बरात जानी है, सभी मेहमान आ चुके हैं। दोनों पक्षों ने सभी तैयारियां कर ली हैं, इसलिए ईश्वर की इच्छानुसार कल शादी तो करनी ही पड़ेगी, लेकिन दिल रो रहा है।

सबसे लाड़ला था चंदन
रामू मिश्रा के तीन बच्चों में सबसे छोटा चंदन सभी का लाड़ला था। बाबा पुरुषोत्तम बाजार जाते तो उसे साथ ले जाते था। दोनों चाचा भी उसे खूब घुमाते। चंदन से बड़ा भाई दस वर्षीय राजा को कुछ भी समझ नहीं आ रहा है। वह सभी से पूछता है कि क्या भइया अब कभी नहीं आएगा। वहीं 12 वर्षीय बहन भी चंदन की याद में रो-रोकर बेहाल है।
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