थाना क्षेत्र के गांव दुर्गापुरवा स्थित ईदगाह के पास गुरुवार की रात कुछ लोगों ने रानीगंज निवासी अमरजीत सिंह को घायल कर मरणासन्न कर दिया और उसके शाहजहांपुर निवासी बहनोई को अगवा कर ले गए। रात भर घायल अवस्था में अमरजीत सड़क किनारे पड़ा रहा। दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने उसे पड़ा देखा, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। घायल ने पुलिस को हमलावरों के नाम बताए और कहा कि उसके बहनोई का अपहरण हमलावर कर ले गए हैं। युवक के दाए हाथ की दो उंगली भी काटकर हमलावर साथ ले गए हैं। पुलिस ने गन्ने के खेत से धारदार हथियार और एक जोड़ी चप्पल बरामद की है। गंभीर रूप से घायल को पहले सीएचसी भेजा गया, जहां से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गांव रानीगंज निवासी 22 वर्षीय अमरजीत पुत्र संतोष सिंह के मुताबिक गुरुवार की शाम करीब सात बजे इसी थानाक्षेत्र के गांव सिसैया निवासी रिश्तेदार सुक्खा सिंह अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ दो बाइक से उसके घर आया था। सुक्खा ने किसी काम से दुबहा गांव तक साथ चलने को कहा, जहां दो दिन पहले आया अमरजीत का बहनोई जसविंदर उर्फ बलविंदर ( कुंडा फार्म नत्थापुर जनपद शाहजहांपुर) भी मौजूद था। रात होने के कारण अमरजीत ने बहनोई बलविंदर को भी साथ बैठा लिया। रात में दुबहा गांव पहुंचकर सभी छह लोग तीन बाइक से लौट रहे थे। आरोप है कि लौटते समय दुर्गापुरवा ईदगाह के पास सुक्खा सिंह बाइक रोककर अमरजीत के बहनोई जसविंदर से झगड़ने लगा।
सुक्खा सिंह और उसके तीनों साथी जसविंदर सिंह की पिटाई करने लगे, जिसका अमरजीत ने विरोध किया। इस पर आरोपियों ने बांके से उस पर भी ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए, जिससे अमरजीत भी घायल हो गया। आरोप है कि हमलावर उसके बहनोई जसविंदर को अगवा कर अपने साथ ले गए। साथ ही अमरजीत के दाएं हाथ की दो उंगली भी काटकर ले गए। सुबह दुर्गापुरवा गांव के लोगों ने अमरजीत को मरणासन्न पड़ा देखा। सूचना पर एसओ मयफोर्स घटनास्थल पर पहुंचे। एसओ ने घायल को सीएचसी में भर्ती कराया। अमरजीत की निशानदेही पर दुर्गापुरवा के रामकुमार के खेत से एक जोड़ी चप्पल और कुबेर के गन्ने के खेत से बांका बरामद किया। अमरजीत ने सुक्खा से जमीन संबंधी रंजिश बताई है।
अमरजीत, सुक्खा दिल्ली मेट्रो में करते हैं मजदूरी
अमरजीत के मुताबिक सुक्खा सिंह का और अमरजीत के बहनोई जसविंदर सिंह की जमीन संबंधी रंजिश है। उधर, अमरजीत की मां गुरमीत कौर ने बताया कि अमरजीत और सुक्खा सिंह दोनों दिल्ली मेट्रो में मजदूरी करते थे। करीब दो सप्ताह पहले वह दोनों दिल्ली से यहां आए थे। रात करीब नौ बजे जब अमरजीत और जसविंदर उर्फ बलविंदर को फोन किया गया तो दोनों का मोबाइल बंद मिले। सुक्खा सिंह भी रिश्तेदार है। उन्होंने जमीन संबंधी रंजिश से इंकार किया है। अमरजीत ने बताया है कि जसविंदर जूते पहने हुए था। उसे भी हमलावरों ने धारदार हथियार से प्रहार कर घायल कर दिया था।
फिर फेल हुई यूपी 100
घायल अवस्था में अमरजीत को देखकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण यूपी 100 को फोन करते रहे, लेकिन लखनऊ हेड आफिस में फोन रिसीव नहीं हुआ। आरोप है कि सुबह के समय यूपी 100 का फोन कई बार करने के बाद भी रिसीव नहीं हुआ है।
मौके से बांका और चप्पल बरामद किया गया है। इस मामले में अभी तहरीर न मिलने के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। घायल ने बहनोई जसविंदर उर्फ बलविंदर को अगवा किए जाने की बात कही है, जिसे तलाशा जा रहा है।
- अजय यादव, एसओ