लखीमपुर खीरी। निराश्रित और हिंसा की शिकार महिलाओं को आवासीय सुविधा के साथ ही चिकित्सा, पोषण प्रदान करने वाली अल्पावास संस्था में संवासिनी से मारपीट का एक मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर सीडब्ल्यूसी ने संज्ञान लेते हुए महिला का मेडिकल परीक्षण कराया है, साथ ही आगामी बैठक में आगे की कार्यवाही की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है।
मैगलगंज थाना क्षेत्र की एक युवती ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ के समक्ष 25 मई को सुनवाई के दौरान उसने अपनी जानमाल सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उसने खुद के बालिग होने की बात कहा है कि मैगलगंज पुलिस उसका उत्पीड़न करा रही है। युवती ने खुद को स्वतंत्र किए जाने की अर्जी सीडब्लूसी के सामने पेश होते हुए दी थी, जिस पर उसे सुनवाई तक अल्पावास गृह में भेजा गया था। आरोप है कि माता-पिता के इशारे पर उसे मायके पक्ष में जाने के लिए दबाव बनाया गया। जब उसने इंकार किया तो अल्पावास स्टाफ ने उसे लात-घूंसों और चप्पलों से मारापीटा और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। सीडब्लूसी ने सुनवाई करते हुए अल्पावास संस्था में संवासिनी के साथ किए गए इस तरह के बरताव को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराने का आदेश दिया। सीडब्लूसी के आदेश पर जिला चिकित्सालय में हुए चिकित्सीय परीक्षण में भी पीड़िता को आई चोटों की पुष्टि की है।
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पीड़िता को सीतापुर भेजा
सीडब्लूसी के सदस्य अनूप सक्सेना ने बताया कि महिला संवासिनी की शिकायत और प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के कारण पीड़िता को शिशु सदन महिला सीतापुर में रखने का आदेश पारित किया गया है। इसके चलते मैगलगंज पुलिस ने पीड़िता को सीतापुर भेज दिया है।
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