प्रशासन की संजीदगी के बाद भी नहीं रुक रहे हादसे
वर्ष 2016 में जा चुकी हैं 410 जानें, 800 लोग हुए घायल
इसे भागम भाग भरी जिंदगी की जरूरत कहें या असावधानी या फिर यातायात नियमों की अनदेखी, जिसके चलते पिछले 13 दिनों के अंदर अलग-अलग हादसों में 16 लोगों की जान चली गई, जबकि 28 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें दो हादसों में तो नौ लोगों की मौत हुई। यह घटनाएं उस अवधि में हुई हैं, जिसमें पूरे प्रदेश में परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल जनवरी से लेकर दिसंबर तक 410 लोगों की मौत हुई और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए।
शासन और प्रशासन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह और यातायात माह मनाता है। इस दौरान गोष्ठियां और विभिन्न जागरूकता के कार्यक्रम चलाकर लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाती है। इसके बावजूद लोग यातायात नियमों का पालन नहीं करते। खासतौर पर युवा वर्ग सड़कों पर ट्रिपल राइडिंग वाहनों को चलाते समय मोबाइल का उपयोग करते हैं। इतना ही नहीं वाहन चलाते समय नशा भी करते है। इससे हादसों में और अधिक बढ़ोतरी होती है। जनवरी माह के इन तेरह दिनों में 16 लोगों की मौत के मामले में भी कुछ ऐसी परिस्थितियां सामने आईं हैं। इनमें दो हादसे ऐसे हैं, जिनमें दो परिवार समाप्त हो गए। 11 जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर ट्रक ने सात लोगों को रौंद दिया, जिसमें दंपति, उसकी एक पुत्री और गांव के ही दो लोगों की मौत हो गई। इसी प्रकार बरेली में सड़क हादसे में मोहम्मदी के शुक्लापुर मोहल्ले के एक ही परिवार के चार लोग काल के गाल में समा गए। पिछले साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो हादसों की काफी भयावह तस्वीर है। सरकारी आंकड़ों पर यदि गौर करें तो वर्ष 2016 में 410 लोगों की मौत हुई और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए। इन हादसों से भी लोगों ने कोई सबक नहीं लिया।
इन प्वाइंटों पर ज्यादा होती हैं दुर्घटनाएं
पीलीभीत-बस्ती मार्ग पर शंकरपुर चौराहा, लालपुर बैरियर, केशवापुर, मनिकापुर तिराहा, निघासन रोड पर रेलवे स्टेशन के पास ओवरब्रिज पुल, महेवागंज, लखीमपुर-मोहम्मदी मार्ग पर आंवला के पास और मेला मैदान ढाल।
ये सावधानी जरूरी
-मोबाइल का उपयोग न करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं, ट्रिपल राइडिंग न करें और वाहनों को ओवरटेक करते समय सावधानी बरतें, यातायात नियमों और संकेतकों का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमट का उपयोग करें, चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाएं।
नशे में वाहन चलाया तो निरस्त होगा लाइसेंस
सीओ सिटी/सीओ ट्रैफिक निर्मल कुमार बिष्ट ने बताया कि समय-समय पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाता है। अधिकतर हादसे हाई स्पीड और लापरवाही के कारण हुए हैं। नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जिन दुर्घटना प्वाइंटों पर साइन बोर्ड नहीं लगे हैं उन स्थानों पर साइन बोर्ड शीघ्र लगवाए जाएंगे।