बोरे में मांस ले जाते वक्त शुक्रवार रात पांडेपुरवा में पुलिस को चकमा देकर भागने वाले दो आरोपियों के अगले दिन भी न पकड़े जाने पर शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने सुबह अदलाबाद-टहरा मार्ग पर तारानगर चौराहा पर जाम लगा दिया। बवाल की आशंका के चलते कई थानों की फोर्स बुला ली गई। बाद में 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने पर लोगों ने दो घंटे बाद जाम खोला।
पांडेपुरवा के ग्रामीणों ने शुक्रवार रात थाने में सूचना दी थी कि बिनौरा के कुछ लोग बाइक से बोरे में मांस लेकर जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को बाइक समेत गांव पांडेपुरवा के पास दबोच लिया, जबकि दूसरी बाइक पर सवार अन्य दो युवक बाइक समेत भाग निकले।
इस दौरान मौके पर इकट्ठे हुए ग्रामीणों ने दो लोगों के भाग निकलने पर हंगामा किया। तब पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए ग्रामीणों को किसी तरह शांत किया और गिरफ्तार आरोपी और उससे बरामद बाइक को झंडी पुलिस चौकी ले गई।
शनिवार सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों ने नहर किनारे गांव तारानगर निवासी शत्रोहन के खेत में एक बाइक और एक बोरा मांस पड़ा देखा। मांस देखकर ग्रामीणों ने इसकी सूचना फिर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मांस और बाइक तो बरामद कर लिया, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
ग्रामीणों का कहना था कि झंडी चौकी के पुलिसकर्मियों की आरोपियों से मिलीभगत है, इसी कारण पुलिस ने भागे हुए दोनों आरोपियों को पकड़ने में रुचि नहीं दिखाई। साथ ही नहर किनारे पड़ा बोरा और बाइक भी अपने आप कब्जे में नहीं लिया। रात से लेकर सुबह तक आरोपियों को बचाने के फिराक में लगी रही। इन आरोपों के चलते गुस्साए ग्रामीणों ने भागे हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दो घंटे का समय दिया। साथ ही इसका खुलासा करने की मांग की कि इन आरोपियों ने कुल कितने पशु काटे।
पुलिस को दिए गए समय में जब कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण तारानगर चौराहे पर पहुंचे और कतारबद्ध होकर अदलाबाद-टहरा मार्ग जाम कर दिया। जमकर नारेबाजी कर रहे ग्रामीणों का आक्रोश देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर सबसे पहले शारदानगर चौकी इंचार्ज महेश प्रसाद गंगवार ने मोर्चा संभाला, लेकिन उनके समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं मानें। मौके पर एसडीएम ओपी गुप्ता, सीओ आरके वर्मा, सीओ पलिया, प्रभारी निरीक्षक पलिया संजय त्यागी समेत सिंगाही, धौरहरा, तिकुनियां आदि से पुलिस फोर्स पहुंच गया। किसी तरह एसडीएम और सीओ ने लोगों को शांत करते हुए 24 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और करीब दो घंटे बाद जाम खुल सका। हालांकि बवाल की आशंका पर सिंगाही, तिकुनियां, फूलबेहड़ सहित कई थानों से फोर्स मौके पर तैनात की गई है।
चिलचिलाती धूप ने किया परेशान
ग्रामीणों ने सड़क पर डंडा-लाठी आदि लगाने के बाद आवागमन रोकने के लिए ट्रैक्टर में जुड़ी सरवान आदि का सहारा लेकर सड़क जाम कर दी। अधिक धूप होने के कारण कुछ ग्रामीण बंधे के खाले में लगे पेड़ के नीचे चले गए। सीओ निघासन, प्रभारी निरीक्षक अमित दुबे समेत थाने का फोर्स सड़क पर डटा रहा, लेकिन कुछ सिपाही और कई थानों के पुलिसकर्मी छांव तलाश कर इधर- उधर खड़े हो गए।
सीओ बोले, झंडी चौकी की लापरवाही की होगी जांच
सीओ निघासन आरके वर्मा ने बताया कि मौके से गांव बिनौरा निवासी गुड्डू पुत्र वारिस को गोमांस समेत हिरासत में लिया गया है। अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। दोनों बोरों में करीब 50 किलो मांस था। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। गांव में शांति है। झंडी पुलिस की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।