भीरा कस्बे में ट्रॉली की चपेट में आने से 45 वर्षीय कैमल घायल हो गया। घायल को प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे रेफर कर दिया गया। घरवाले उसे इलाज के लिए कहीं ले जाते इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने ट्रॉली को कब्जे में कर पुलिस को शव देने से इनकार कर दिया और घर पर शव रख कर प्रदर्शन करने लगे। अनहोनी की आशंका पर मौके पर कई थाने की फोर्स बुला ली गई। सुबह लोगों की मध्यस्थता से पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
भीरा कस्बे में राजमार्ग के किनारे झोपड़ पट्टी की बस्ती निवासी कैमल शनिवार की शाम सड़क पार कर रहा था। तभी पलिया की तरफ से आ रही ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर लगने से वह घायल हो गया। परिवार के लोग पहले घायल को थाने ले गए, वहां से सरकारी अस्पताल भी ले गए। बाद में उसे वनबीट हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां से डॉक्टर ने हालत गंभीर होने पर उसे रेफर कर दिया। थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिवार वाले शव को घर ले आए। रात भर शव और ट्रैक्टर ट्रॉली को अपने कब्जे में रखा और प्रदर्शन किया। सुबह भीरा के गण्यमान्य लोगों व पुलिस के द्वारा मृतक के घरवालों से बात कर उसके शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।
ईंट भट्टे की है ट्रैक्टर ट्राली
कैमल के घायल होने के बाद परिवार वालों ने एक बाइक से पीछा कर ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ लिया था। वहां से ट्रैक्टर ट्रॉली घायल के घरवाले भीरा ले आए। ट्रैक्टर ट्रॉली किसी ईंट भट्टे की की बताई जा रही है
हादसे से बेसहारा हुए छह बच्चे और पत्नी
बिजुआ।
कैमल महावत बिरादरी से ताल्लुक रखता था। इस बिरादरी के करीब 400 लोगों की एक बस्ती राजमार्ग के किनारे रहती है। इस बिरादरी में ज्यादातर लोग भीख मांगकर गुजरबसर करते हैं। भूमिहीन होने के चलते इन लोगों का परिवार पालने का एक ठेलिया चलाने का भी धंधा है। कैमल भी इनमें से एक था। कैमल के छोटे-छोटे बच्चे हैं, पत्नी है। अब एक हादसे से सात लोगों का कुनबा बेसहारा हो गया है। बच्चे अभी यह नहीं समझ पाए हैं कि उनके पिता की मौत हो चुकी है। रात भर कैमल का शव घर के आंगन में रखा रहा बच्चे अपने पिता को सोया जानकर वहीं खेलकूद करते रहे। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। हर बार प्रधानी चुनावी के दौर में प्रत्याशी इस कुनबे की वोट लेने के लिए इन्हें सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर बसाने का वादा कर वोट लेते हैं, लेकिन चुनाव बाद सब भूल जाते हैं। राजमार्ग के किनारे बसे होने के कारण आए दिन इस कुनबे के लोग घायल होते रहते हैं, कई की मौत भी हो चुकी है।