निघासन (खीरी)।
300 रुपये गायब करने के शक में 35 वर्षीय किसान पैकरमा की उस समय पीट-पीटकर हत्या कर दी गई जब वह घर से खेत पर मवेशियों के लिए गन्ने की पत्ती काटने गया था। पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गंभीर चोटें बताई गई हैं। उधर, शाम को पुलिस ने नामजद चार में से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गांव दौलतापुर निवासी विमला ने बताया कि पति पैकरमा शनिवार की शाम को थाना निघासन के ही गांव पुरैना निवासी मनीराम के घर गए थे। आरोप है कि मनीराम कच्ची शराब बनाकर बेचते हैं। पैकरमा कुछ समय वहां रुकने के बाद घर लौट आए। उधर, मनीराम की पैंट की जेब से तीन सौ रुपये गायब हो गए। मनीराम ने रुपयों की तलाश की, लेकिन जब उसे रुपये नहीं मिले तो उसका सारा शक घर आए पैकरमा पर चला गया।
इसी शक में मनीराम तीन चार लोगों के साथ रविवार की सुबह पैकरमा के घर पहुंचा, लेकिन उस समय पैकरमा घर पर नहीं थे। मनीराम ने आसपास के लोगों को बुलाकर पैकरमा पर तीन सौ रुपये चुराकर लाने का आरोप लगाया और गालियां बकने लगा। किसी तरह वहां मौजूद लोगों ने उसे शांत कराया। इस पर मनीराम और उनके साथी जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।
बकौल विमला, रविवार की पूर्वाह्न करीब 11 बजे पैकरमा गन्ने की पत्ती काटने गए और फिर नहीं लौटे। देर शाम तक सभी लोग खोजबीन करते रहे, लेकिन पैकरमा का कहीं पता नहीं चला। रविवार की देर रात आरोपी सुधीर पैकरमा के घर पहुंचा और बताया कि पैकरमा शराब के नशे में धुत होकर घाघी नाले के पास पड़ा है। इस पर सभी लोग मौके पर पहुंचे तो पैकरमा को मृत अवस्था में पड़ा पाया।
मृतक की पत्नी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि पति पैकरमा को खेत पर जाते समय गांव के रामलाल और उनके बेटे सदानंद, सुधीर और उनके साले मनीराम ने पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर शव बरूई फार्म निवासी निर्मल सिंह के गन्ने के खेत में नाले पर बने नौलख पुल के पास डाल दिया। पुलिस ने मनीराम, रामलाल और उनके बेटे सुधीर, सदानंद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, सोमवार की शाम को नामजद मनीराम, सुधीर और सदानंद को पुलिस ने गांव के पास से ही गिरफ्तार कर लिया है।
शरीर पर मिले 80 चोटों के निशान, पसलियां भी टूट गईं
निघासन/लखीमपुर खीरी।
मृतक पैकरमा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर डालें तो यह बात साफ होती है कि उसकी लाठी, डंडे और लात घूंसों से बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पत्नी ने जो बात अपनी तहरीर में कही थी वही बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी स्पष्ट होती है। रिपोर्ट के मुताबिक शरीर पर चेहरे से लेकर गले पर, सीने पर, पीठ और पेट पर 80 से अधिक चोटों के निशान हैं। इसके अलावा उसकी पसलियां भी टूटी मिली हैं।
35 वर्षीय पैकरमा पेशे से किसान था। गांव में हर कोई उनके व्यवहार की प्रशंसा कर रहा है। रविवार को दिन से ही पैकरमा के गायब होने के बाद उनके घर पर तांता लग गया था, लेकिन जैसे ही रात्रि में उनकी लाश मिलने की सूचना फैली तमाम लोग एकत्र हो गए। हंसमुख स्वभाव के पैकरमा की मौत की खबर जिसने भी सुनी वह आवाक रह गया।
सोमवार की सुबह शव तो पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, लेकिन घर पर लोगों की भीड़ लगी रही। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम गांव में जब शव लाया गया तो चीख पुकार मच गई। देर शाम को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के 12 वर्षीय पुत्र अंगद और चार साल की पुत्री राधा समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पीट पीटकर हत्या करने की पुष्टि हो गई है। हत्या की रिपोर्ट पहले ही दर्ज कर ली गई थी। सोमवार की शाम को मनीराम, सुधीर और सदानंद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- अजय यादव, एसओ