तिकुनियां खीरी। काली मंदिर में चोरी की घटना को 24 घंटे भी नहीं बीत पाए थे कि बदमाशों ने एक बार फिर थाना सिंगाही के गांव दरेहटी को अपना निशाना बना लिया। करीब छह बदमाश शनिवार की रात रमेश जायसवाल के घर में घुस गए। बदमाशों ने सभी सदस्यों को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया और जमकर पिटाई की। किशोरी के सिर पर तमंचे की बट मार दी, जिससे वह लहूलुहान हो गई। बदमाश घर से तीन हजार की नकदी, दो मोबाइल समेत करीब 40 हजार रुपये का जेवर लूट ले गए। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गांव दरेहटी निवासी रमेश कुमार जायसवाल का घर गांव से करीब 40 मीटर दूर गांव की मुख्य सड़क पर है। उनकी पत्नी आशा वर्कर हैं। गृहस्वामी रमेश जायसवाल ने बताया कि शनिवार रात कमरे में पत्नी किरन और पुत्री सो रही थी। वह और उसके पिता बाहर बरामदे में थे। रात करीब 12 बजे छह बदमाश घर में घुस आए। सभी बदमाशों के पास तमंचे और डंडे थे। मुंह पर नकाब भी बांध रखा था और सभी नई उम्र के थे। घर में घुसते ही बदमाशों ने घर की लाइट बुझाने के बाद उसे और उसके पिता श्यामलाल को चारपाई पर दबोचकर कनपटी पर तमंचा लगाकर अपने कब्जे में कर लिया। बदमाशों ने गन्ना बेचकर लाए गए तीन लाख रुपये देने की मांग की। जब उसने गन्ना बिक्री करने की बात से इंकार किया तो उसकी पिटाई शुरू कर दी। आहट होने पर उसकी पत्नी किरन की आंख खुल गई। किरन जब कमरे से बाहर निकली तो बदमाशों ने उसे दबोच लिया। उसके पहने गहने, नाक का फूल, सोने के कुंडल और पायल उतरवा ली। इसी बीच उसकी 16 वर्षीय पुत्री आ गई, जिसे भी बदमाशों ने कब्जे में कर लिया। बदमाशों ने किशोरी के कान से टॉप्स निकाल लिए और उसे अगवा कर घर के बाहर ले जाने लगे। किशोरी और उसकी मां ने विरोध किया तो इस पर बदमाशों ने दोनों की पिटाई कर दी। किशोरी के सिर पर तमंचे की बट मार दी, जिससे किशोरी लहूलुहान होकर गिर गई। शोर शराबा होने पर बदमाश दो मोबाइल, तीन हजार की नकदी और जेवर लूटकर भाग निकले। सूचना पर पहुंचे एसओ अजय कुमार मिश्रा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया है। उधर घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बता दें कि शुक्रवार की रात चोरों ने सिंगाही स्थित काली मंदिर से मां की अष्टधातु की मूर्ति चोरी कर ले जाने का प्रयास किया था। थाना पहुंचे सीओ निघासन सविरत्न गौतम ने गृहस्वामी, उसकी पत्नी और पुत्री से अलग-अलग पूछताछ की और कलम बंद बयान लिए।
महीने भर पहले दो घरों में हो चुकी लूटपाट, खुलासा नहीं
ग्राम दरेहटी के पास स्थित ग्राम सूरत नगर निवासी रमेश पुत्र छोटे और बनवारी के घर एक महीने पहले बदमाशों ने धावा बोला था। परिजनों की पिटाई कर नकदी-जेवर समेत एक लाख का सामान लूट ले गए थे। पुलिस इन दोनों घटनाओं का अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है।
बदमाश चोरी की नीयत से घुसे थे। जागने पर दंपति ने जब पकड़े की कोशिश की तो बदमाशों ने दंपति और उसकी बेटी को मारापीटा है। किशोरी को अगवा करने की कोशिश नहीं हुई है। पीड़ित की तहरीर पर डकैती की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
अजय कुमार मिश्रा, एसओ सिंगाही
बरामद जेवर घर वालों ने नकारा, खुलासे पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी। 22 दिसंबर को निघासन पुलिस ने दो शातिर बदमाशों थाना पलिया के गांव त्रिलोकपुर निवासी अयूब और झब्बापुरवा निवासी खलील को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से ढखेरवा चौराहा स्थित दो मोबाइल की दुकानों से चोरी किए गए 61 नए मोबाइल और 24 नवंबर को मोतीपुर गांव में विपिन वर्मा और इससे करीब 15 दिन पहले हरनाम वर्मा के घर हुई डकैती के दौरान लूटा गया जेवर बरामद करने का दावा किया था, लेकिन दोनों पीड़ितों ने बरामद माल की शिनाख्त नहीं की थी। पीड़ित विपिन वर्मा और हरनाम वर्मा ने बताया कि पुलिस ने उन्हें बरामद माल दिखाया था, लेकिन वे जेवर उनके घर के न होने के कारण उन्होंने पहचान करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद भी पुलिस ने उनके घरों पर हुई लूट की घटना का खुलासा किया है। पीड़ितों के दावे के बाद से निघासन पुलिस द्वारा किए गए खुलासे पर जहां सवालियां निशान लग गए हैं। मोतीपुर, सूरतनगर और दरेहटी में बदमाशों ने करीब एक ही तौर-तरीके से घटनाओं को अंजाम दिया है। इससे यह साफ हो गया है घटना में शामिल बदमाश अभी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।