बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी कोरजोन जंगल में गाड़ी खड़ी कर शराब पीने और शोर मचाने के मामले में पकड़े गए लखनऊ के छह युवकों को छोड़ना पुलिस को मंहगा पड़ गया। इस मामले में दुधवा पार्क प्रशासन सख्त हुआ तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। एसपी पूनम के निर्देश पर सीओ गोला अभिषेक प्रताप अजेय ने भीरा थाना पहुंचकर सभी आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के भी निर्देश दिए हैं।
रविवार रात जंगल गश्त करते समय डीटीआर के एफडी रमेश कुमार पांडेय ने मैलानी-भीरा रोड नंबर 17 के किनारे एक गाड़ी खड़ी देखी। छह लोग वहां शराब पी रहे थे और शोर भी कर रहे थे। एफडी ने सहयोगी स्टाफ की मदद से उन्हें पकड़ कर भीरा पुलिस के हवाले कर दिया। बरामद गाड़ी और शराब भी पुलिस की सुपुर्दगी में दी। प्रकरण की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक महावीर कौजलगि ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी।
भीरा पुलिस ने मामले को हल्के में लेते हुए वनाधिकारियों के जाते ही आरोपियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया और गाड़ी भी रिलीज कर दी। सोमवार सुबह जब इसकी जानकारी एफडी को हुई तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए एसपी समेत पुलिस के उच्चाधिकारियों से बात की। एसपी के निर्देश पर सीओ गोला अभिषेक प्रताप अजेय ने स्वयं भीरा थाने जाकर आरोपी रोहित चौधरी निवासी इंदिरा नगर, आशीष सोनकर निवासी त्रिवेणीनगर, राजन सैनी निवासी कटर चोपटिया, रवींद्र प्रताप सिंह निवासी दामोदर नगर, मनोज कुमार मौर्य निवासी एडीए कॉलोनी कानपुर रोड, विनोद कुमार निवासी साहदत अली पुरवा लखनऊ के खिलाफ वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराया और विधिक कार्रवाई के लिए आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इस मामले में एसपी पूनम ने भी भीरा के प्रभारी निरीक्षक को कड़ी फटकार लगाई है।
संबधित मामले में वन अधिनियम के तहत लखनऊ निवासी छह आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। प्रभारी निरीक्षक भीरा को निर्देश दिए गए हैं कि विधिक कार्रवाई के लिए आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
- अभिषेक प्रताप अजेय, सीओ गोला।