फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खोया खाने से बीमार हुए रोजेदार और बच्चे, तीन लखनऊ रेफर

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

धौरहरा खीरी। सोमवार की शाम को धौरहरा के गांव महाराजनगर में खोवा खाने से कई रोजदार सहित बच्चे बीमार हो गए। बताते हैं कि रोजा इफ्तारी के लिए रोजेदारों ने फेरी लगाने वाले से खोवा खरीदा था, जिसे खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों और बड़ों सहित करीब बीस लोगों की हालत बिगड़ गई, जिनमें से एक युवक सहित पांच बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां पर दो की हालत में सुधार ना होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया, जबकि एक ही घर के तीन बच्चों का इलाज चल रहा है। घरवालों की तहरीर खोवा बेचने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।
फेरी करके खोवा बेचने वाले लखीमपुर के घोसियाना निवासी शहीद आलम सोमवार को धौरहरा के गांव महराजनगर में खोवा बेचने गए थे। इनसे कलीम, अहमद अली शाह सहित गांव के कुछ अन्य लोगों ने रोजा इफ्तारी के लिए खोवा लिया था। कलीम एवं अहमद अली शाह के अनुसार खोवा खाने के कुछ ही देर बाद आलम (10) पुत्र कलीम, सहवान (5) पुत्र सलीम, रूकसार (7) पुत्र सलीम, लतीफ (20) पुत्र अहमद अली, सलमान (6 ) व अरबाज (8) माह पुत्रगण शरीफ को उल्टियां होने लगी। जिन्हें 108 एंबुलेंस से सीएचसी धौरहरा ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां से लतीफ, सलमान और अरबाज को लखनऊ रेफर कर दिया गया। अहमद अली शाह की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी जावेद अख्तर ने खोवा का सैंपल जांच के लिए आगरा भेजा है और खोवा बिक्री करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है। जबकि अन्य सभी का इलाज गांव के ही डॉक्टर से चल रहा है, जिनकी हालत अब ठीक बताई जाती है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जावेद आलम ने बताया कि खोवा नकली होने की संभावना लग रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थित स्पष्ट हो सकेेगी और उसी के बाद कार्रवाई की जाएगी ।
विज्ञापन
विज्ञापन

.........
बाक्स
प्रोटीन की अधिकता वाले खाद्य पदार्थों में जल्दी होता है संक्रमण
सीएचसी प्रभारी डॉ. आरआर वर्मा के अनुसार प्रोटीन की अधिकता वाले खाद्य पदार्थों में संक्रमण जल्दी होता है। इससे बासी होने पर ये खराब हो जाते हैं। इनमें पनीर, खोवा, रबड़ी, दूध व मांस आदि खाद्य पदार्थ ताजे ही सेवन करना चाहिए। यदि यह बासी हों या फिर खुले में रखे हों तो इसमें बैक्टीरिया विकसित हो जाते हैं, जिसके सेवन से संक्रमण हो जाता है और सही समय पर सही इलाज न मिलने से मौत भी हो सकती है।
0000000000000000000000
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें