मल्लबेहड़ के पास हुई आठ वर्षीय मदीना की हत्या का सनसनी खेज खुलासा कर पुलिस ने उसके पिता वाहिद और चाचा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि वाहिद ने जेल जाने के डर से विरोधियों को फंसाने के लिए अपने भाई मुर्शलीन के साथ मिलकर अपनी बेटी की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनको कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी रामलाल वर्मा ने पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों को बताया कि थाना निघासन के गांव विनौरा निवासी वाहिद क्षेत्र की एक किशोरी को भगा ले गया था। उसके खिलाफ थाना निघासन में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने किशोरी को तो बरामद कर लिया था, लेकिन वाहिद फरार था। उसने मामले में जेल जाने से बचने के लिए मुकदमा दर्ज कराने वाले और गवाहों को फंसाने की मंशा से अपनी आठ वर्षीय बेटी मदीना की हत्या की योजना बनाई। इसमें उसने अपने भाई मुर्शलीन को भी शामिल किया। तीन जून की शाम वाहिद ने अपनी पत्नी से कहा कि पुलिस उसके पीछे पड़ी है। इसलिए वह बेटी मदीना को लेकर बहराइच मजदूरी करने जा रहा है। इसके बाद वह बेटी और अपने भाई मुर्शलीन को बाइक पर बैठाकर चल दिया। एसपी के मुताबिक उसी रात मल्लबेहड़ के पास मुर्शलीन बाइक पर खड़ा रहा, जबकि वाहिद मदीना को झाड़ियों में ले गया और वहीं उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में अपने दोनों हाथों पर चाकू मारकर खुद को घायल कर लिया। घटना के बाद वाहिद ने किशोरी को भगा कर ले जाने वाले मामले के मुकदमा वादी और गवाहों समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्यागी और इंस्पेक्टर अपराध यदुवीर सिंह को घटना का खुलासा करने के लिए लगाया गया था। पुलिस ने जब जांच की तो वाहिद और मुर्शलीन अपने ही बयानों में फंस गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने मदीना की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर पिता वाहिद की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दुपट्टा और चाकू बरामद कर आरोपियों का चालान कर दिया।
आईजी ने पुलिस टीम को दिया 15 हजार का ईनाम
एसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि आईजी लखनऊ सुजीत पांडेय ने मदीना हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषण की है। टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर अपराध यदुवीर सिंह, एसआई राजेश कुमार यादव, हनुमंत लाल तिवारी, सुनील कुमार, सिपाही रवि पाठक, नीरज चतुर्वेदी, सलामुल्लाह खां, विक्रम शामिल रहे।