कोतवाली धौरहरा क्षेत्र में शुक्रवार की रात हमलावरों ने बाइक से पिता और चाचा के साथ जा रही आठ साल बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी, जबकि उसके पिता और चाचा को चाकू मारकर घायल कर दिया। घटना का कारण मृतका के पिता का एक किशोरी से अवैध संबंध को लेकर उपजी रंजिश सामने आई है। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से मृतका के चाचा को प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने छुट्टी दे दी। अभी तक घायलों की तरफ से कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। एसपी रामलाल वर्मा ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल से घटना के बाबत जानकारी ली।
थान निघासन के गांव बिनौरा निवासी 28 वर्षीय वाहिद उर्फ बिलबिल ने बताया कि उसे बहराइच के मिहींपुरवा काम करने जाना था। शुक्रवार की शाम उसका भाई मुर्शलीन उसे और उसकी आठ साल की पुत्री मदीना को छोड़ने बाइक से धौरहरा निवासी रिश्तेदार सहवियार के घर जा रहा था। बाइक पर राशन-पानी और बर्तन की बोरी भी बंधी थी। बाइक वह खुद चला रहा था। मदीना बीच में और भाई पीछे बैठा था। दुलही-मल्लबेहड़ के बीच पुल के पास रात करीब नौ बजे पांच लोगों ने उसकी डंडों के बल पर बाइक रोक ली। बाइक धीमी होते ही एक बदमाश ने भाई मुर्शलीन की पीठ पर चाकू से प्रहार कर दिया, इससे उसका भाई चलती गाड़ी से कूदकर भाग निकला। बदमाश उस पर टूट पड़े। उसकी बदमाशों से करीब 15 मिनट तक हाथापाई हुई। इस पर बदमाशों ने चाकू से प्रहार करने शुरू कर दिए। चाकू हाथ में लगने से वह घायल हो गया। उसका कहना है कि उसने तीन हमलावरों को पहचान लिया था। आरोप है कि उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर बदमाश बाइक के पास छिपी बैठी पुत्री मदीना की गला घोटकर हत्या कर दी। इसी बीच भाई मुर्शलीन उर्फ मैलू ने यूपी 100 पुलिस को फोन किया। पुलिस के आने से पहले ही हमलावर भाग निकले। मौके पर पहुंची ढखेरवा चौकी और यूपी 100 पुलिस घायलों को रमियाबेहड सीएचसी लाई, जहां से डॉक्टर ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने मदीना की तलाश की तो उसका भी शव पुल के पास में पड़ा मिला। वाहिद ने बताया कि उनके ऊपर हमला करने वाले और उसकी बच्ची को मौत के घाट उतारने वाले तीन लोग दुर्गापुरवा, मल्लबेहड और शीशगढ़ के निवासी हैं। दो लोगों की पहचान नहीं हो सकी है। पीड़ित पक्ष ने अभी तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। घायल वाहिद के मुताबिक उसके एक 17 वर्षीय किशोरी से नाजायज संबंध थे। जिसे वह ईद के पहले भगा ले गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। दो दिन पहले किशोरी को पुलिस ने बरामद कर लिया था, जबकि वह मौके से फरार हो गया था। वह पुलिस से बचने के लिए दूसरी जगह काम की तलाश में जा रहा था। उसी रंजिश के चलते दूसरे पक्ष के लोगों ने अपने साथियों से मिलकर घटना को अंजाम दिया है।
मासूम मदीना की हत्या को लेकर उठे कई सवाल
मल्लबेहड़ के पास मासूम बच्ची की हत्या और उसके पिता-चाचा को चाकू मारकर घायल करने की कहानी किसी के गले नहीं उतर रही है। वहीं मदीना की मौत पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। घटना को लेकर मृतका के घायल पिता और भाई के अलग-अलग बयानों ने उन्हें ही संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। पुलिस का मानना है कि कहीं अपने बचाव में घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस इस बिंदु पर भी अपनी जांच कर रही है।
ढखेरवा चौकी प्रभारी आरके यादव के मुताबिक जब वह घटना स्थल पर पहुंचे तो उस समय वाहिद घायल अवस्था में पड़ा था। उसके दोनों हाथ पर चाकू के निशान थे। उसका छोटा भाई मुर्शलीन के पीछे का शर्ट फटा हुआ था। उसके कहीं पर कोई निशान नहीं थे। एंबुलेन्स घायल वाहिद को तो लेकर चली गई, लेकिन घायलों ने मदीना के बारे में कुछ नहीं बताया। बिनौरा गांव से जब रात में घटना स्थल पर पहुंचे तो उन्होंने मदीना के बारे में पूछा। तब मुर्शलीन ने भतीजी मदीना के दूसरी तरफ पड़े होने की बात कही। बिनौरा के ग्रामीणों के मुताबिक जब मुर्शलीन ने फोन कर ग्रामीणों को घटना बताई। इस दौरान उसने कई बार घटना स्थल बदल-बदल कर बताता रहा। घायल वाहिद और मुर्शलीन के बयानों ामें भी काफी भिन्नता है। इससे पुलिस को शक है कि हो सकता है विपक्षियों को फंसाने के लिए घटना की सुनियोजित साजिश रची गई हो और उसी के तहत घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस बिंदु को भी अपनी जांच में शामिल कर जांच तेज कर दी है।
पैमाइश में धौरहरा कोतवाली का निकला घटना स्थल
दुलही और मल्लबेहड़ पुल के पास मासूम मदीना की गला दबाकर हत्या करने और उसके पिता व चाचा पर चाकुओं से प्रहार कर घायल करने के मामले में घटना के दिन से धौरहरा पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई। हालांकि सूचना पर निघासन पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची थी। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराना और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना विवाद का कारण बन गया। शनिवार सुबह घटना स्थल धौरहरा होने के कारण निघासन पुलिस नहीं गई। उधर धौरहरा कोतवाल ने निघासन घटना स्थल होने की बात कह टाल दिया। पुलिस का विवाद सुलझाने के लिए निघासन से लेखपाल संघ महामंत्री अजय कुमार, मल्लबेहड़ लेखपाल रामकिशोर श्रीवास्तव, दुलही लेखपाल दिनेश पांडे और ढखेरवा चौकी इंचार्ज आरके यादव पहुंचे। करीब आधे घंटे तक पैमाइश करने के बाद घटना स्थल कोतवाली धौरहरा का निकला। पैमाइश के समय दुलही प्रधान संग मल्लबेहड़ गांव के ग्रामीण भी मौजूद रहे। लेखपालों ने ढखेरवा चौकी इंचार्ज को पैैमाइश कर रिपोर्ट सौंप दी है।