गौरीफंटा। बीती 27 अगस्त को नेपाली नागरिक और उसके साथ आई महिलाओं के साथ हुई मारपीट के बाद नेपाली नागरिक भड़क गए। उन्होंने भारत-नेपाल सीमा पर विरोध का बैनर लगाते हुए बृहस्पतिवार को आवागमन बंद कर दिया। जिससे सीमा पर जाम की स्थिति बन गई। सुबह से ही वाहनों की आवाजाही बंद रही। व्यापारी नेता के प्रयासों से दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। उधर कस्टम और एसएसबी के जवानों ने मोर्चा लेते हुए माल वाहक वाहनों की सुरक्षा की।
बता दें कि 27 अगस्त को नेपाल निवासी जीत बहादुर कुछ लोगों के साथ गौरीफंटा बाजार में सामान लेने के लिए पहुंचे थे। यहां उनका व नेपाली महिलाओं का दुकानदार लालाराम, उनके पुत्र अन्नू, अनमोल मूल रूप से निवासी हरदोई के मध्य सामान लेन देन को लेकर विवाद हुआ था। बाद में मारपीट भी हुई थी जिसमें जीत बहादुर को चोटें आई थीं। इस प्रकरण को लेकर जीत बहादुर के पुत्र ने नेपाल पुलिस और फिर गौरीफंटा पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने की घटना से नाराज नेपाली नागरिकों ने बृहस्पतिवार को बार्डर पर विरोध का बैनर लगाते हुए आवागमन ठप कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस, एसएसबी और व्यापारी सतर्क हो गए। व्यापारी नेता रवि गुप्ता ने कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्रा, त्रिनगर चौकी नेपाल इंचार्ज संदीप शाह की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई। जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो सका। समझौते के बाद शाम चार बजे के बाद ही नेपाली नागरिक शांत हुए जिसके बाद वाहनों का आवागमन दोबारा से शुरू हो सका।