धौरहरा। बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कफारा के करीब 20 खाताधारकों के खातों से दस से बीस हजार तक रुपये निकाल कर लाखों का चूना लगाने के मामले में बैंक मित्र की संलिप्तता उजागर हुई है। इस बैंक मित्र ने दूसरे बैंक मित्र से खाताधारकों के अंगूठे स्कैन कर कंप्यूटर में सुरक्षित कर लिए और तीन दिन में करीब 20 खाताधारकों के खातों से अपनी आईडी से पांच लाख रुपये महज पांच मिनट में निकाल लिए। अभी कुछ ऐसे भी खाताधारक है, जिन्हें पता नहीं है कि उनके खातों से रुपये निकले हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा कफारा के करीब 15 बैंक मित्र अलग अलग गांव में बिजनेस सेंटर चला रहे हैं। लोगों के खातों से लाखों का गोलमाल करने के इस मामले में इन्हीं बैंक मित्रों में से दो बैंक मित्रों की संलिप्तता उजागर हुई है। बैंक मित्र ने खाताधारकों के फिंगर प्रिंट कंप्यूटर में स्कैन कर सुरक्षित कर लिए। वह फिंगर प्रिंट दूसरे बैंक मित्र को दे दिया। जिसके बाद रुपये निकाले गए। शनिवार की शाम महादेव गांव निवासी सुशीला देवी जब खाते से रुपये निकालने पहुंचीं तो पता चला कि उनके खाते से 26 हजार रुपये निकल चुके हैं। सुशीला देवी के मुताबिक यह रुपये भी 26 अक्तूबर को निकले। इस मामले से लोगों का संदेह और गहरा हो गया है कि अभी और खाते होंगे जिनसे रुपये निकले हैं। प्रकरण की जांच कर रहे कफारा चौकी इंचार्ज कमलेश राजभर ने बताया कि जांच में पड़ोसी गांव के दो बैंक मित्रों की संलिप्तता उजागर हुई। खातों से निकाली रकम को वापस खातों में जमा कराने के लिए दोषी बैंक मित्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। ताकि खाताधारकों को उनके रुपये मिल सकें।
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हमारी प्राथमिकता है कि पहले खाताधारकों को उनके रुपये वापस हो जाएं। आगे बैंक के उच्च अधिकारी जो बताएंगे वही कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश्वर सिंह, शाखा प्रबंधक
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खाताधारकों के रुपये निकलने के मामले की गहनता से जांच की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-विद्यासागर पाल, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली धौरहरा