निघासन। ममता को तलाशते गोताखोर
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लखीमपुर खीरी। पति के फंदे से लटक कर जान देने के बाद उसकी पत्नी ममता ने ससुराल वालों को फंसाने के लिए नदी में कूदने का नाटक रचा था। सदर कोतवाली पुलिस ने एक सूचना के बाद लापता महिला को संकटा देवी मंदिर से बरामद कर लिया। पुलिस अब परिवार वालों के आने का इंतजार कर रही है।
कोतवाली धौरहरा के गांव अभयपुर निवासी मनोज 22 अक्तूबर को पत्नी ममता (20) को साथ लेकर कसबा सिंगाही के वार्ड संख्या तीन अपनी ससुराल आया था। उस दिन पत्नी को मायके में छोड़कर वह घर लौट गया। बाद में उसने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या की खबर मिलने के बाद उसी दिन शाम को पत्नी ममता मोबाइल छोड़कर लापता हो गई थी। अगले दिन उसका दुपट्टा सिंगाही-निघासन मार्ग पर स्थित सरयू पुल की रेलिंग से बंधा मिला था। रेलिंग पर ही पत्ते पर लिखा सुसाइड नोट मिला था, जिसमें ममता का कहना था कि उसकी मौत के जिम्मेदार उसके ससुराल वाले हैं। इसके बाद आशंका जताई गई थी ममता ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। शनिवार को पुलिस ने नदी में ममता की तलाश कराई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान शाम को पुलिस को सूचना मिली कि ममता संकटा देवी मंदिर में मौजूद है। एसएसआई एसपी पांडेय के आदेश पर महिला सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे संकटा देवी चौकी इंचार्ज संतोष राय ने महिला को बरामद कर लिया। पुलिस उसे लेकर कोतवाली आई और उसके मायके वालों को खबर की। पुलिस के मुताबिक महिला अभी कुछ बताने की हालत में नहीं है। वह काफी बदहवास हालत में है। अब तक की पूछताछ में उसने ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए आत्महत्या का नाटक रचने की बात पुलिस को बताई है। कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक राजकुमार वर्मा ने बताया कि महिला के परिवार वालों को बुलाया गया है। परिवार वालों के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद