महेवागंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग की शारदानगर रेंज में आम के देसी पेड़ों के कटान में वन विभाग बड़ा खेल खेल रहा है। आम के देसी पेड़ों को कलमी आम बताकर रवन्ना जारी कर रहा है। इसी रवन्ने की आड़ में शातिर लकड़कट्टे धड़ल्ले से देसी आम के हरे भरे पेड़ों का सफाया कर रहे हैं। इस गोरखधंधे की शिकायत पर वन अधिकारियों की कार्रवाई मौका मुआयना तक सीमित रहती है।
करीब पांच महीने पहले प्रदेश सरकार ने सेमल समेत विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों के कटान के लिए छूट दी थी। इसमे कलमी आम के पेड़ों को भी छूट में रखा गया। बशर्ते कलमी आम के पेड़ की ढुलाई के लिए रवन्ना बनवाना होता है, जबकि देसी आम के पेड़ कटान के लिए परमिट आवश्यक है। इसी के चलते कलमी की आड़ में देसी आम के पेड़ों का कटान किया जा रहा है। हाल ही में फूलबेहड़ के तेंदुआ गांव के पूरब में एक बाग में खड़े हरे भरे आम के सैकड़ों पेड़ो को काट डाला गया। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीओ रविशंकर शुक्ला, शारदा नगर रेंजर एनके राय आदि वनाधिकारियों ने मौका मुआयना किया लेकिन क्लीन चिट दे दी। संवाद
तेंदुआ गांव में रवन्ने पर आम के पेड़ों का कटान हुआ है। मौका मुआयना में प्रतिबंधित श्रेणी का एक भी पेड़ कटा नहीं मिला।
-संजय आजाद, फॉरेस्टर फूलबेहड़