पूर्व विधायक के घर के बाहर रोड पर लगा ग्रामीणों का जमावड़ा।
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पलियाकलां। पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की मौत से पूरे इलाके में उबाल है। जिसने भी यह खबर सुनी वह सीधे त्रिकोलिया गांव की ओर चल पड़ा। हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ का तांता उनके घर पर जमा रहा। लोग लगातार आरोपियों को पकड़ने के साथ ही सीओ पलिया के निलंबन की मांग करते रहे। सभी ने हंगामा करते हुए पुलिस के संपूर्णानगर प्रभारी निरीक्षक का भी घेराव किया और उनसे जवाब-तलब किया। भारी भीड़ देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। जिसके बाद भारी संख्या में फोर्स गांव की ओर रवाना हुआ।
बता दें कि पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ मुन्ना की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है वहीं मारपीट में मौत की बात सामने आने के बाद से लोगों में भी भारी रोष फैला हुआ है। हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ उनके घर पर लगातार पहुंच रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही है। इतना ही नहीं सीओ पलिया के निलंबन की मांग को लेकर भी ग्रामीण और लोग अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि सीओ के इशारे पर ही अवैध तरीके से भूमि को जोतवाने का कार्य किया जाना था इसमें कई लोगों की सांठगांठ भी थी। इसी को लेकर ग्रामीण काफी हंगामा करते रहे और पूरे मामले की जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने की बात पर अड़े रहे।
गांव में सन्नाटा, लेकिन चारों तरफ होती रहीं चर्चाएं
पूर्व विधायक की मौत के बाद त्रिकोलिया गांव में पूरा बाजार तो फिलहाल बंद रहा। लेकिन चारों तरफ इस मामले की चर्चाएं होती रहीं और लोग आपसी चर्चा करते रहे। कई गांवों के ग्रामीणों की भीड़ का तांता भी त्रिकोलिया में पूर्व विधायक के आवास पर लगा रहा। जिससे वहां काफी भीड़भाड़ रही।
संपूर्णानगर प्रभारी निरीक्षक का किया घेराव
संपूर्णानगर प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह का घेराव करते हुए लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नारेबाजी के प्रभारी निरीक्षक से सवाल जवाब दिए। जिसका संतुष्ट उत्तर न मिलने पर लोग भड़क गए। हालांकि देर शाम तक लोग घेराव किए हुए थे।
विधायक ने जताया दुख, कहा दोषियों पर हो कार्रवाई
घटना में विधायक रोमी साहनी ने दुख जताया है। विधायक ने एसपी सत्येंद्र कुमार से वार्ता की और कहा कि हत्या की रिपोर्ट लिखकर पूरे प्रकरण की जांच कराएं और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एक भी दोषी को बख्शा न जाए।