लखीमपुर खीरी। राजा हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने की कोशिश में सदर कोतवाली पुलिस गुरुवार रात खुद भी चोट खा बैठी। पुलिस का दावा है कि हत्यारोपियों ने फायरिंग की, जवाब में की गई फायरिंग में पैर में गोली लगने से एक आरोपी गिर गया, जिस पर उसे दबोच लिया गया। वहीं बाइक समेत भाग रहे दूसरे हत्यारोपी को पकड़ने की कोशिश में दरोगा और सिपाही सड़क पर गिरकर जख्मी हो गए। जिस पर मौका पाकर आरोपी का साथी बाइक समेत भाग गया।
यहां बता दें गुरुवार को सदर कोतवाली क्षेत्र में दिनदहाड़े कार से उतरे युवक मोहल्ला हिदायतनगर निवासी मोहम्मद जमीर उर्फ राजा (25) पुत्र अनीस की सिर में बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी हत्याकांड में पुलिस को बदमाशों की तलाश थी।
एसपी सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि प्रभारी निरीक्षक सदर सुनील कुमार सिंह गुरुवार को बनवारीपुर चौराहा पर शहर के मोहल्ला हिदायतनगर निवासी राजा हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में निकले थे। सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल दो बदमाश अमृतागंज से शारदानगर नहर पटरी होते हुए रमहीपुल से बहराइच की ओर जा रहे हैं। इस पर वह मौके पर पहुंचे अपराध शाखा निरीक्षक बृजेश त्रिपाठी के साथ रमहीपुल पहुंचे और दो पुलिस पार्टी बनाकर हत्यारोपियों का इंतजार करने लगे, इस दौरान उन्होंने और फोर्स भी बुला ली गई। रात 10:22 बजे बाइक से दो लोग पुलिस वालों को देख मुड़कर भागने लगे। घेराबंदी की गई तो उन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी, पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। गोली शातिर नसीम उर्फ बंगाली के दाहिने पैर में जा धंसी और वह गिर गया, जिस पर उसे दबोच लिया गया। इधर, बाइक समेत भागे दूसरे आरोपी को पकड़ने की कोशिश में चौकी इंचार्ज राजापुर अरविंद शुक्ला और स्वॉट टीम का सिपाही परीक्षित चौरसिया गिरकर चोटिल हो गए। पुलिस का कहना है कि दूसरा आरोपी चांद उर्फ समर निवासी हिदायतनगर भाग निकला। बाद में घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पकड़े गए आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस की लापरवाही से गई राजा की जान
लखीमपुर खीरी। बनवारीपुर चौराहा पर हुए मोहम्मद जमीर उर्फ राजा हत्याकांड में गलती किसी ने की और अफसरों ने सजा किसी ओर को दे दी। अगर पूरे मामले पर नजर डालें तो यह घटना जेल गेट चौकी पुलिस की बड़ी लापरवाही का नतीजा है। हत्या से चार दिन पहले फायरिंग और मारपीट के मामले में पुलिस ने सिर्फ शांतिभंग के आरोप में चालान कर कार्रवाई की इतिश्री कर ली। पुलिस यदि घटना को गंभीरता से लेती। जांच कर फायरिंग करने वालों को गिरफ्तार कर तमंचे आदि बरामद करती तो शायद यह घटना नहीं होती।
गुरुवार को मोहल्ला हिदायतनगर निवासी मोहम्मद जमीर उर्फ राजा की दिनदहाड़े पुलिस चौकी महेवागंज के गांव बनवारीपुर चौराहा पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आईजी ने घटनास्थल महेवागंज चौकी क्षेत्र का होने के कारण चौकी इंचार्ज पारसनाथ की लापरवाही मानी और उन्हें निलंबित कर दिया था। मृतक के परिवार वालों के मुताबिक हत्या से चार दिन पहले मोहल्ले के ही आरोपियों ने राजा के साथ मारपीट की और आठ राउंड फायर किए थे। इसकी लिखित तहरीर सदर कोतवाली पुलिस को दी गई। प्रभारी निरीक्षक ने मामले की जांच इलाकाई जेल गेट चौकी पुलिस को दी थी। आरोप है कि चौकी पुलिस ने दोनों पक्षों का समझौता करा दिया और शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई कर अपना पल्ला झाड़ लिया था। पुलिस फायरिंग की घटना को गटक गई। यदि पुलिस फायरिंग के मामले को गंभीरता से लेती और तमंचा आदि बरामद कर सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करती तो शायद राजा की हत्या नहीं हो पाती।
चार-पांच दिन पहले फायरिंग होने और मारपीट के मामले में शांतिभंग की कार्रवाई का मामला मेरे संज्ञान में है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-संजय नाथ तिवारी, सीओ सिटी