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फर्जी मुहर, हस्ताक्षर बनाने में फंसे गुरुजी, 20 लाख रुपये का निकाल रहे थे लोन

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लखीमपुर खीरी। वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) के फर्जी हस्ताक्षर-मुहर बनाकर 20 लाख रुपये का कर्ज लेने का प्रयास कर रहे शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षक की तैनाती कुंभी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मूड़ा माफी में है। लिहाजा वित्त एवं लेखाधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने शिक्षक के खिलाफ पुलिस से जांच कराने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने बीएसए बुद्धप्रिय सिंह को पत्र भी भेजा है।
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कुंभी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मूड़ा माफी में सहायक अध्यापक पद पर तैनात अनुज मिश्रा निवासी मोहल्ला राजगढ़ (निकट बुद्ध बिहार मंदिर) ने कानपुर की स्पार्कल अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड से 20 लाख रुपये का ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। आरोपी शिक्षक ने ऑफीसियल अंडर टेकिंग के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी के पदनाम की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर से पत्र भी तैयार किया। वित्त एवं लेखाधिकारी ने बताया कि कंपनी ने सत्यापन के लिए अभिलेख भेजे, तो इस मामले का भंडाफोड़ हुआ। इसके बाद आरोपी शिक्षक अनुज मिश्रा को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसके बाद कुछ और नामों जैसे अविनाश शुक्ला, उपदेश शंकर और कैलाश गुप्ता के नाम भी सामने आए हैं जो दूसरे जनपदों के बताए जा रहे हैं। वित्त एवं लेखाधिकारी ने इसके पीछे बड़े रैकेट के काम करने की आशंका जताई है। उन्होंने बीएसए को लिखे पत्र में कहा है कि इस आपराधिक कृत्य में शिक्षक अनुज मिश्रा ही मास्टर माइंड है, जिसने अपने वित्तीय लाभ के लिए कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर संगठित अपराध किया है। फर्जी ऑफीशियल अंडरटेकिंग के जरिए घोटाला करने के प्रयास किया जा रहा था। इसलिए उन्होंने ऐसे ही और प्रकरण के पुलिस जांच में सामने आने की संभावना भी जताई है।
आरोपी शिक्षक के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कराई जा रही है, जिसकी जांच कुंभी बीईओ को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
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