गौरीफंटा के कजरिया गांव में इसी भूमि को लेकर हुआ था विवाद।
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गौरीफंटा (लखीमपुर खीरी)। भारत-नेपाल सीमा पर मोहाना नदी घाट की जमीन को जोतने को लेकर दुधवा नेशनल पार्क की बनकटी वन विभाग की टीम और कजरिया गांव की वन समिति के लोगों के बीच झड़प हो गई जो मारपीट में बदल गई। वनकर्मियों ने कई हवाई फायर किए जिसके बाद समिति के लोगों की भीड़ कम हुई। सूचना पर कोतवाली पुलिस, एसएसबी भी मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने मारपीट में घायलों को मेडिकल जांच के लिए पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है।
भारत-नेपाल सीमा पर बुधवार सुबह साढ़े सात बजे पिलर संख्या 749/750 के बीच मोहाना नदी घाट पर दो सौ मीटर भारतीय क्षेत्र में थारू गांव कजरिया के वन समिति अध्यक्ष सदई राना समिति के लोगों के साथ भूमि को जोतने लगे। जिसकी सूचना होने पर बनकटी रेंजर आलोक शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और उक्त भूमि को वन विभाग का बताते हुए खेत जोतने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में झड़प हो गई और मामला मारपीट में बदल गया। इसमें रेंजर, वन्यजीव रक्षक, वाचर समेत वन समिति के लोग भी घायल हो गए। सूचना पर गौरीफंटा कोतवाली पुलिस, एसएसबी की पेट्रोलिंग पार्टी के साथ ही ग्राम प्रधान रामबहादुर भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जिसके बाद भीड़ कम हुई। पुलिस ने घायलों को मेडिकल के लिए पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है।
वन विभाग ने सरकारी रायफल छीनने की दी तहरीर
वन विभाग की ओर से बताया गया कि वन रक्षक पुनीत कुमार ने रायफल से पांच हवाई फायर किए तब जाकर भीड़ हटी। जबकि भीड़ ने वन विभाग के एक कर्मी की सरकारी रायफल छीन ली है। जो अब तक नहीं मिली है। इसको लेकर गौरीफंटा कोतवाली में वन विभाग की तरफ से मारपीट किए जाने और सरकारी रायफल छीन लेने की तहरीर दी गई है।
महिला ने लगाया अभद्र व्यवहार का आरोप
वन विभाग के आरोपों को गलत बताते हुए वन समिति की एक महिला वीरमती पत्नी रामआसरे राना ने वनकर्मियों पर अभद्र व्यवहार करने के साथ ही बेवजह मारपीट करने का आरोप लगाया है।
मामला जानकारी में आया है। मामले में गौरीफंटा कोतवाली में कई नामजद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। छानबीन कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- कुलदीप कुकरेती, सीओ पलिया