फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता और बेटे को पुलिस ने चौकी में जमकर पीटा

विज्ञापन
विज्ञापन
निघासन। गांव लंघनिया पुरवा में रास्ते पर दीवार बनाने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। मौके पर पहुंची झंडी पुलिस दोनों पक्षों के चार लोगों को चौकी ले आई। पुलिस ने एक पक्ष के वृद्ध और उसके बेटे की पट्टे से जमकर पिटाई की। आरोप है कि पुलिस उस समय तक पीटती रही जब तक दूसरे पक्ष से दीवार बनाने को नहीं कहा। मामला एसपी के संज्ञान में आने के बाद चौकी इंचार्ज अपने बचाव में उतर आए। दूसरे पक्ष के करीब छह सात लोगों को लाकर प्रभारी निरीक्षक के सामने पेश कर दिया। खासबात यह है कि एसपी के आदेश के बाद भी पुलिस ने घायल पिता-पुत्र का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया है।
विज्ञापन

बरोठा के मजरा लंघनिया पुरवा निवासी कैलाश ने बताया कि उनके चाचा राजकिशोर के घर का करीब 50 साल पुराना पुस्तैनी बंटवारा है। उसी पर आने-जाने के लिए रास्ता निकाला गया था। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोग उस रास्ते पर दीवार बनाना चाहते थे। शुक्रवार को दूसरे पक्ष ने रास्ते पर दीवार बनाना शुरू किया। इस बात का विरोध कैलाश ने किया। दोनों का आपस में विवाद होने लगा। इसी बीच झंडी चौकी इंचार्ज राहुल सिंह आ गए। आरोप है कि पुलिस ने कैलाश की पत्नी चुन्नी देवी को लाठियों से पीट दिया, जिससे उनके हाथ की चूड़ी आदि टूट गई। पुलिस कैलाश और 65 वर्षीय पिता बदलू के साथ दूसरे पक्ष के राजकिशोर समेत दो लोगों को चौकी लाई। राजकिशोर के एक साथी को पुलिस ने चौकी लाने से पहले छोड़ दिया। आरोप है कि चौकी में बदलू और कैलाश की जमकर पिटाई की। बाद में मारपीट में तीनों का चालान कर दिया। शाम को एसडीएम कोर्ट से जमानत कराने के बाद घर पहुंचे पिता-पुत्र ने एसपी को जानकारी दी। एसपी ऑफिस से शनिवार को कैलाश के पास फोन आया कि वह कोतवाली पहुंचकर डॉक्टरी कराए और मामले की तहरीर दें। आरोप है कि इस बात की भनक लगते ही चौकी इंचार्ज अपने बचाव में दूसरे पक्ष के लोगों को कोतवाली बुलवा लिया। उधर दूूसरे पक्ष ने पूरी दीवार बनाने के बाद उस पर टीन शेड भी डाल दी। एसपी के आदेश के बाद भी पुलिस ने न तो घायलों का मेडिकल कराया और न ही रिपोर्ट दर्ज की।
30 हजार रुपये मांगने का आरोप
कैलाश ने चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाया है कि वह दीवार न बनाने देने के लिए 30 हजार रुपये मांग रहे थे। उनके पास छह हजार रुपये थे। उन्होंने उसे दिया भी था। पूरा पैसा न मिलने के कारण दूसरे पक्ष से मिलकर दीवार बनवा दी।
विज्ञापन

एसपी के आदेश पर मैंने पीड़ित पक्ष को डॉक्टरी के लिए कोतवाली भेजा था। वहां पर वह लोग नहीं गए। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप वर्मा, सीओ
दोनों पक्ष आपस में झगड़ रहे थे। मैं मौके पर पहुंचा था। चार लोगों को हिरासत में लिया था। किसी की पिटाई नहीं की गई है। पैसा मांगने का आरोप गलत है। कैलाश के घर के पास आने-जाने के लिए तीन रास्ते हैं। इसके बावजूद वह झगड़ा करने पर अमादा है।
विज्ञापन

राहुल सिंह, झंडी चौकी इंचार्ज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें