धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। थाना निघासन क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर की पीटकर हत्या कर दी गई। उसका खून से लथपथ शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला। चौकीदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस ने पब्लिक एनकाउंटर से फिलहाल इनकार किया है। हत्या किसने और क्यों की, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
कोतवाली धौरहरा क्षेत्र के गांव रमुवापुर के ग्रामीण गुरुवार सुबह खेतों की ओर गए थे तो उनकी नजर गांव के ही सितई के खेत की मेड़ पर खून से लथपथ पड़े शव पर पड़ी। वह शर्ट और अंडरवियर पहने था। शव पड़े होने की सूचना से हड़कंप मच गया। तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गांव के चौकीदार सुंदरलाल ने कोतवाली पुलिस को शव पड़े होने की सूचना दी। सूचना पर सीओ अभिषेक प्रताप और प्रभारी निरीक्षक हरिओम श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। शव का निरीक्षण कर गांव वालों से पूछताछ की। शव की शिनाख्त के लिए पड़ोसी गांव के चौकीदारों को बुलाया। काफी मशक्कत के बाद शव की शिनाख्त थाना निघासन के गांव पठाननपुरवा निवासी टॉपटेन हिस्ट्रीशीटर भुईहारे उर्फ रफीक (45) पुत्र जलालू के रूप में हुई। प्रभारी निरीक्षक ने पढुआ चौकी प्रभारी हनुमंत लाल तिवारी के माध्यम से उसके घर वालों को सूचना दी। मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी तरन्नुम ने शव की शिनाख्त पति भुईहारे उर्फ रफीक के रूप में की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
निघासन में दर्ज हैं 17 मुकदमे
निघासन धौरहरा में मारे गए भुइहारे उर्फ रफीक के खिलाफ निघासन कोतवाली में 17 मुकदमे दर्ज थे। अपराध की दुनिया में उसने वर्ष 2008 में कदम रखा। उसके बाद वह रफीक से भुइहारे बनकर जुर्म की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया। निघासन के अलावा उसके खिलाफ फूलबेहड़, धौरहरा, बहराइच जिले के सुजौली, मोतीपुर समेत कई थानों में लूट, चोरी आदि के मुकदमे दर्ज हैं।
शव पर चोटों के निशान हैं इससे साफ है कि उसकी हत्या कर शव खेत में फेंका गया है। निघासन थाने का टॉपटेन हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। निघासन में 17 अपराधिक मामले दर्ज हैं। एक माह पूर्व ही जमानत पर छूटा था। उसकी हत्या क्यों और किसने की इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
-अभिषेक प्रताप,सीओ