बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। किशनपुर सेंक्चुरी जंगल में गश्त कर रही वन कर्मियों की टीम ने लकड़कट्टों और एक कछुआ तस्कर को दबोच लिया। मौके से भागे एक लकड़कट्टे ने गांव में साथियों के पकड़े जाने की सूचना दी। इस पर बड़ी संख्या में लाठी- डंडे लेकर पुरुष और महिलाओं ने वन चौकी पर धावा बोल दिया। उन्होंने वहां जमकर तोड़फोड़ की। वन कर्मियों की पिटाई कर पकड़े गए साथियों को छुड़ा ले गए।
दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में शुक्रवार शाम फॉरेस्टर गणेश शंकर, वॉचर बबलू के साथ पेट्रोलिंग कर रहे थे। इस बीच उन्हें कुछ लोग पेड़ काटते दिखाई दिए। इन पर दोनों ने दौड़ाकर तीन लकड़कट्टों को धर दबोचा। इनमें से एक लकड़कट्टा उनके चंगुल से निकलकर भाग खड़ा हुआ। फॉरेस्टर और वॉचर ने दोनों लकड़कट्टों को वन चौकी में बंद कर दिया। इस बीच जंगल से निकलता एक अन्य युवक दिखाई दिया। उसे पकड़ कर तलाशी ली तो उसके झोले से तीन कछुए बरामद हुए। उसे भी दबोच लिया। इस बीच फरार हुए लकड़कट्टे ने कुरियानी गांव जाकर अपने साथियों को पकड़े जाने की सूचना दी। इस पर गांव के 50-60 पुरुष और महिलाओं ने लाठी-डंडे लेकर वन चौकी पर धावा बोल दिया। इन लोगों ने वहां मौजूद फारेस्टर गणेश शुक्ला, वॉचर बबलू और किशनलाल पर हमला कर दिया, उनकी मोटर साइकिलें तोड़ दी। वन चौकी पर भारी तोड़ फोड़ की और अपने साथियों को छुड़ा ले गए। वन कर्मियों ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। रेंजर आरपी सिंह ने बताया कि कुरियानी गांव के 10 नामजद और 50 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ घटना की तहरीर मैलानी थाना में दी गई है। मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।