फरधान। गांव बरखेरवा में पिता-पुत्र की हत्या के बाद शुक्रवार को दोनों शवों का कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार कर दिया। दोनों शव जब घर की दहलीज से बाहर आए तो हर व्यक्ति की आंख नम हो गई। घर में चीखपुकार मच गई।
बुधवार की सुबह गांव मनिकापुर निवासी पेशे से वकील रमेश शुक्ल (50) अपने पुत्र हरगोविंद (30) के साथ पड़ोसी गांव बरखेरवा की कोटे की दुकान पर राशन लेने गए थे। खूनी रंजिश के चलते बरखेरवा गांव निवासी प्रखर शुक्ला, प्रशांत, मयंक, रिसव, अखिलेश आदि ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनदाहड़े पिता-पुत्र की हत्या कर दी थी। घटना के बाद बरखेरवा गांव में आईजी के निर्देश पर पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई थी। मृतक का छोटा बेटा किशन शुक्ल हैदराबाद में रहकर पढ़ाई करता है। उसके न आ पाने के कारण परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया था। किशन शुक्ल गुरुवार की रात दस बजे घर पहुंचा। पिता और भाई के एक साथ पड़े शव देख वह गश खाकर गिर गया। चाचा सुरेश शुक्ल के काफी समझाने के बाद अंतिम संस्कार करने को तैयार हुआ। घर से पिता-पुुुुत्र की अर्थियां जब निकलीं तो मृतक वकील की पत्नी पूनम शुक्ल और बहू प्रीती शुक्ल समेत पूरे परिवार की चीत्कार से लोग बिलख उठे। सभी की आंखें नम हो गईं। शमशान घाट पर अलग-अलग चिताएं बनाई गईं। किशन ने अपने पिता और भाई को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के समय भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
पत्नी पूनम की बिगड़ी हालत, भर्ती
लखीमपुर खीरी। पति और बेटे की अर्थियां जैसे ही घर में उठीं। इसी बीच दहाड़े मारकर रो रही मृतक की पत्नी पूनम शुक्ला सदमे में आ गईं और उनकी की हालत बिगड़ गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। रिश्तेदार पूनम को लेकर आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।