लखीमपुर खीरी। कानपुर यूनिवर्सिटी की खो-खो टीम की कप्तान लखीमपुर शहर की होनहार बिटिया इशिता मिश्रा की मौत से यहां शांतिनगर मोहल्ले में दूसरे दिन भी मातमी सन्नाटा छाया रहा। हॉस्टल प्रशासन भले ही फंदा लगाकर आत्महत्या करने का दावा कर रहा हो लेकिन इशिता के पिता व मोहल्ले वालों को इस बात बात पर एतबार नहीं है। पिता बृजेश ने कानपुर पुलिस पर हॉस्टल प्रशासन से मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बेटी की हत्या में शामिल लोगों को वह सजा दिलाकर ही दम लेंगे। जरूरत पड़ी तो वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी के पास गुहार लगाएंगे।
शव यात्रा में उमड़ी भीड़, मोहल्ले में छाया मातमी सन्नाटा
गमगीन माहौल में इशिता मिश्रा के शव का परिवार वालों ने मंगलवार को सुआगाड़ा स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। शव यात्रा में उमड़ी भीड़ ने बिटिया को नम आंखों से विदाई दी। किराना व्यापारी बृजेश मिश्रा की बेटी काफी होनहार थी। उसने दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में पिछले साल बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। वह एमजी हॉस्टल के कमरा नंबर 100 में रहती थी। वह कानपुर यूनिवर्सिटी की खो-खो स्टेट टीम की कप्तान भी थी। उसने कानपुर स्थित हॉस्टल में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।