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पुलिस का खौफ: तीन दिन से थाने में नहीं पहुंचा कोई फरियादी

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ममरी (लखीमपुर खीरी)। जिस हैदराबाद थाने में एक हफ्ते में करीब 50 शिकायती पत्र आ जाते थे वहां पुलिस कस्टडी में विवेक वर्मा की मौत की बाद पुलिस के प्रति ऐसा भय व्याप्त हो गया है कि तीन दिन से कोई फरियादी नहीं पहुंचा है। इधर विवेक की मौत के बाद उदयपुर गांव में तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। एसपी ने इस मामले में भले ही एसओ समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है, लेकिन परिवार के लोग इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए।
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शनिवार को बवाल होने की आशंका को लेकर उदयपुर गांव छावनी में तब्दील रहा। एडीएम अरुण कुमार सिंह, एएसपी शैलेंद्र लाल, एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ रवींद्र कुमार वर्मा आदि अधिकारी दिन भर गांव में डेरा डाले रहे। वहीं रविवार को पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जहां देखो वहां लोग विवेक की मौत पर चर्चा करते रहे। गांव वालों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना में एसओ समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करना कोई सजा नहीं है। दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाए तभी मौत के असली कारणों का पता चलेगा और दोषियों को सजा मिल पाएगी। गांव वालों का कहना है कि विवेक के शव का जब तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ तब तक गांव छावनी में तब्दील रहा और अब कोई हाल पूछने भी नहीं आ रहा है। इससे प्रतीत होता है कि अधिकारी भी पुलिस कर्मियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
परिवार वालों ने कहा-मजिस्ट्रेटी जांच की करेंगे मांग
मृतक के पिता भगौती प्रसाद, भाई संदीप वर्मा का कहना है कि विवेक की पिटाई कर उसे मौत के घाट उतारने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ जब तक हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती। तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। उनका कहना है कि विवेक की मौत की जिम्मेदार हैदराबाद पुलिस है और पुलिस के ही अधिकारी जांच कर रहे हैं। इससे उन्हें न्याय नहीं मिलने वाला है। किसी मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाए। तभी घटना का पर्दाफाश हो पाएगा। वह डीजीपी और मुख्यमंत्री तक अपनी फरियाद पहुंचाएंगे।
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जांच के नाम पर गांव नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
ममरी। मृतक विवेक वर्मा के परिजन और गांव वालों का कहना है कि एसपी ने इस प्रकरण की विवेचना भले ही सीओ मितौली और इंस्पेक्टर गोला को सौंप रखी है लेकिन हकीकत यह है कि अब तक कोई भी अधिकारी वहां झांकने भी नहीं पहुंचा है। इससे जाहिर होता है कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास हो रहा है। यदि यही हाल रहा तो समाज का विश्वास पुलिस प्रशासन से उठ जाएगा।
तीन दिन से थाने में कोई एनसीआर तक दर्ज नहीं
पुलिस कस्टडी में हुए विवेक वर्मा की मौत से पुलिस का खौफ हैदराबाद थाना क्षेत्र में कुछ इस कदर फैल गया है कि तीन दिन से लोग अपनी फरियाद लेकर थाने तक नहीं आए हैं। नतीजतन थाने में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस कर्मियों का कहना है कि तीन दिन से एनसीआर तक दर्ज नहीं हुई है।
सांसद रेखा वर्मा ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढाढस
ममरी। रविवार दोपहर उदयपुर गांव पहुंची धौरहरा सांसद अरुण रेखा वर्मा मृतक विवेक वर्मा के घर जाकर परिवार वालों से मिलीं और घटना की जानकारी लेकर उन्हें ढाढस बंधाया।
पीड़ित परिवार वालों ने सांसद को पुलिस की मनगढ़ंत कहानी सुनाई। अधिकारियों द्वारा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर असहमति जताई। सांसद ने जांच कराकर कार्रवाई कराने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष विजय माहेश्वरी, सुरजनलाल वर्मा सहित कई भाजपा नेता मौजूद रहे।
विवके की मौत के बाद से थाने पर कोई मामला पंजीकृत नहीं हुआ है। न ही कोई शिकायती पत्र आया है।
-यशवीर सिंह, कार्यवाहक एसओ, थाना हैदराबाद
जांच पर कोई सवाल न उठे, इसलिए मोहम्मदी सीओ की जगह सीओ मितौली से जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। थाने पर आने वाले पीड़ितों की समस्याओं का समाधान हो रहा है।
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-पूनम, एसपी
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