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हैदराबाद एसओ समेत दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

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गांव में तैनात पुलिसबल। - फोटो : LAKHIMPUR
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ममरी (लखीमपुर खीरी)। थाना हैदराबाद पुलिस की कस्टडी में विवेक वर्मा की हुई मौत के मामले में एसपी ने एसओ, दीवान और एक सिपाही को लाइन हाजिर किया है। पूरे मामले की जांच सीओ मितौली को सौंपी है। उधर पोस्टमार्टम के बाद शव शुक्रवार की रात गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। गांव को रात से ही छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिससे लोग मुखर नहीं हो सके। एडीएम, एएसपी सहित कई अफसरों ने ग्रामीणों और परिवार वालों से बंद कमरे में वार्ता की। एडीएम ने पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने का आश्वासन दिया। तब लोगों ने गम और गुस्से के बीच शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद विवेक वर्मा का भारी पुलिस बल के साथ शव गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार की महिलाओं में कोहराम मच गया। शनिवार सुबह सभी अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। अफसरों के आते ही मृतक के परिवार वालों, रिश्तेदारों, गांव वालों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। उनका कहना था कि विवेक की मौत फंदा लगाने से नहीं बल्कि पुलिस की लापरवाही व पिटाई करने से हुई है। जिस पर एडीएम अरुण कुमार सिंह, एएसपी शैलेंद्रलाल, एसडीएम गोला अखिलेश यादव ने मृतक के परिवार वालों से बंद कमरे में वार्ता की। उन्हें ढाढस बंधाया। बाद में पत्रकारों से रूबरू हुए एडीएम अरुण कुमार सिंह, एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि मृतक के पिता भगौती प्रसाद को दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख और परिवार लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये मुआवजा दिलाया जाएगा। एएसपी शैलेंद्र लाल ने बताया कि डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी पूनम रात में गांव आए थे, जिनके निर्देश पर आठ बजे से 10 बजे तक थाने की ड्यूटी पर मौजूद रहे पुलिस कर्मियों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृतक के भाई संदीप की तहरीर पर विवेक के साथ भागी महिला व उसके पति गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। संदीप के बयान के आधार एफआईआर में आरोपी पति के भाई का नाम बढ़ाया जा रहा है। इस पर गुस्साए लोग शांत हुए और शव को सुपुर्दे खाक करा दिया। इस दौरान पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। गांव में सन्नाटा पसरा रहा। शव यात्रा में पूर्व विधायक विनय तिवारी, पटेल अशोक कनौजिया, कई ग्राम प्रधान, ग्रामीण और अफसर शामिल रहे। उधर एसपी ने इस मामले में एसओ धर्मदास सिद्धार्थ, दीवान अनूप व सिपाही दीपक को लाइन हाजिर कर दिया है।
प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर एसओ, एक दीवान और एक सिपाही को लाइनहाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच सीओ मितौली को सौंपी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे। उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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-पूनम, एसपी
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