ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के परसेला गांव में 55 वर्षीय मजदूर रामसेवक की हुई हत्या के मामले में उसका बेटा करन ही कातिल निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा सहित गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पहली फरवरी की शाम गोला से मजदूरी कर घर लौट रहे रामसेवक की उसी के बड़े बेटे करन ने रास्ते में घात लगाकर हत्या कर दी थी। दो फरवरी को उसका शव गांव से कुछ दूरी पर रोड के पास पड़ा मिला था। एसओ धर्मदास सिद्धार्थ ने बताया कि मृतक की पत्नी प्रेमा देवी ने घरेलू कलह के आधार पर बड़े बेटे करन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि पकड़े जाने पर करन पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा। लेकिन कड़ाई करने पर टूट गया और हत्या का राज उगल दिया। उसने इकबालिया बयान में पुलिस को बताया कि बृजवासी जाति का होने की वजह से उसकी शादी बदले में तिलहर में हुई थी। पिता रामसेवक अपनी बेटी को तिलहर नहीं भेज रहे थे जिससे उसका साला खुन्नस मानता था, जिसने अपनी बहन को भेजना बंद कर दिया था। बताया कि पत्नी के वियोग में वह पिता रामसेवक से नाराज रहता था। जिसने गुस्से में आकर पिता के सिर पर वार कर दिया। जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई।
एसओ ने बताया कि हिरासत में मौजूद आरोपी बेटे करन के जुर्म इकबाल करने के बाद उसे पिता की हत्या में प्रयुक्त डंडे के साथ कोर्ट में पेश किया। अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया। इधर मृतक के परिवार वालों ने करन पर पहले ही हत्या का संदेह जताया था।