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शारदानगर में बिना लाइसेंस चल रही खाद दुकान सील

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लखीमपुर खीरी। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने रविवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के शारदानगर में बिना लाइसेंस के चल रही खाद की दुकान को पकड़ा है। दुकान में 165 बोरी इफको ब्रांड यूरिया, 16 बोरी इफको डीएपी और 58 पैकेट इफको एनपीके बरामद हुई है, जो सहकारी समितियों पर बेची जाती है। दुकानदार मौके पर उर्वरक बिक्री के कोई अभिलेख जैसे लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, कैशमेमो, पॉस मशीन नहीं दिखा पाया। लिहाजा जिला कृृषि अधिकारी ने स्टॉक को सीज करते हुए दुकान को सील कर दिया है। साथ ही दुकानदार कृृष्ण बिहारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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शारदानगर में काफी समय से बिना लाइसेंस के संचालित दुकान के बारे में किसी ने डीएम से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने खाद दुकान पर छापा मारा, जहां पर भारी मात्रा में सहकारी समितियों पर बेची जाने वाली इफको ब्रांड यूरिया, डीएपी और एनपीके बरामद हुई। दुकानदार कृृष्ण बिहारी ने पूछताछ में बताया कि यह खाद सहकारी समिति से लाया था। हालांकि किस समिति से खाद लाया, जिसके बारे में संदेह बना हुआ है, क्योंकि पूछताछ में दुकानदार ने कई बार अलग-अलग बातें बताई हैं। एक बार तो उसने किसानों से खाद खरीदने की बात कही है। उर्वरक बिक्री के कोई अभिलेख न मिलने पर जिला कृषि अधिकारी ने स्टॉक को सीज करते हुए दुकान को सील कर दिया। बिना लाइसेंस के उर्वरकों की बिक्री किए जाने के चलते दुकानदार के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के उल्लंघन में कार्रवाई की गई है।
फिर सहकारी समितियां आई निशाने पर
करीब 25 दिन पहले शारदानगर क्षेत्र के गांव बड़ागांव में जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रेषु गौतम ने एक प्राइवेट दुकान पर अवैध तरीके से बेची जा रही इफको ब्रांड 76 बोरी यूरिया पकड़ी थी। तब सहकारी गन्ना समिति से खाद लाए जाने की बात सामने आई थी। दुकानदार के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। ताजा मामला शारदानगर में पकड़े जाने से इस क्षेत्र में सहकारी समितियों की खाद कालाबाजारी किए जाने के पुख्ता सुबूत मिल चुके हैं।
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पकड़ी गई खाद किसी सहकारी समिति से लाकर बेची जा रही थी। आरोपी दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की जांच की जा रही है। बिना लाइसेंस के जिंक और माइक्रोन्यूटेंट बेच रहे दुकानदार भी उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत दंडनीय अपराध कर रहे हैं। ऐसे विक्रेताओं को 15 दिन का समय दिया जा रहा है, वो कृषि कार्यालय आकर अपना लाइसेंस बनवा लेें। अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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