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वनकर्मियों ने ठेके पर उठा दी बफर जोन की वनभूमि

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संपूर्णानगर। संपूर्णानगर वन रेंज के बफर जोन की वनभूमि जिसे शारदा नदी ने काटकर छोड़ दी। इस जमीन को वनकर्मियों ने ठेके पर उठा दिया है। वहीं इस जमीन में पॉलेज संचालकों ने गड्ढ़े खोद दिए। इसकी भनक तक उच्चाधिकारियों को नहीं लग सकी। डीएफओ ने जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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संपूर्णानगर वन रेंज के कबीरगंज, अशोकनगर, मुरेनिया, गांधीनगर, सिद्धनगर आदि गांव जो थाना हजारा (पीलीभीत) में आते हैं। यह क्षेत्र जंगल के सटा है। इसलिए वन विभाग के बफर जोन में आता है। यहां सैकड़ों एकड़ ऐसी वनभूमि है जो शारदा नदी के आगोश में चली गई थी। अब यहां शारदा नदी दूर हो गई है। कटान के बाद उस जमीन पर बालू आ गई है। झाड़ियां उग आई हैं। आरक्षित कई एकड़ भूमि पर वन विभाग ने पौधरोपण कराया। लगाए गए पौधों की देखरेख वनकर्मियों को सौंप दी, लेकिन वनकर्मी ड्यूटी के अलावा उक्त जमीन को पॉलेज के लिए ठेके पर दे चुके हैं। पॉलेज के आसपास झाला-झोपड़ी डालकर झंडे लगाकर कब्जा किया जा चुका है। ठेकेदारों द्वारा शारदा नदी की सैकड़ों एकड़ जमीन पर गड्ढे कर पौधे लगाए जा रहे हैं। फेंसिंग में प्लास्टिक की झिल्ली का प्रयोग किया है। आश्चर्य की बात है कि यह सब वनकर्मियों की सांठगांठ से होता रहा। विभाग के अफसरों की इसकी भनक न लगना किसी के गले नहीं उतर रहा है। बफर जोन के डीएफओ डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि शारदा नदी द्वारा संपूर्णानगर वन रेंज की काफी जमीन को काटकर छोड़ दिया गया है। लेकिन जंगल की जमीन को पॉलेज पर देने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। नया अतिक्रमण होना भी गंभीर है। इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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