लखीमपुर खीरी। शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय युवती ने कमरे के अंदर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार वालों की माने तो वह मानसिक रोग से पीड़ित होने के कारण अवसाद में रहती थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
आवास विकास कॉलोनी निवासी घनश्याम अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी पुत्री प्रीती उर्फ मोनी करीब पांच वर्षों से मानसिक रोग से पीड़ित थी। उसका शहर के मनोचिकित्सक के यहां से इलाज चल रहा था। इस वजह से वह अवसाद में रहती थी। रविवार की रात वह अपने कमरे में सोने चली गई, लेकिन सुबह नहीं उठी। काफी देर होने पर जब वह कमरे से बाहर नहीं उठी तो दरवाजा खटखटाया तो वह अंदर से बंद था। कई आवाजें लगाईं, लेकिन कमरे से बेटी की आवाज नहीं आई। इससे परिवार के लोग आशंकित हुए। सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना पर एसएसआई एसपी पांडेय मौके पर पहुंचे। दरवाजा तुड़वाने पर प्रीती का शव पंखेे से दुपट्टे के सहारे लटकटा मिला। यह देख परिवार में चीखपुकार मच गई। आसपास के तमाम लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेजा है। एसएसआई एसपी पांडे ने बताया मानसिक बीमार होने के कारण प्रीती अवसाद में रहती थी। प्रथम दृष्टया इसी वजह से उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।