लखीमपुर खीरी। वीडीओ सुसाइड केस में मोहम्मदी इंस्पेक्टर और अमीरनगर पुलिस चौकी के स्टाफ की भूमिका की जांच होगी। इसमें यह पता चला है कि मोहम्मदी कोतवाली प्रभारी के अंडर में अमीरनगर चौकी पुलिस ने वीडीओ सुसाइड केस के आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए पहले रातोरात उनके परिवार वालों को उठा लिया। फिर सौदेबाजी के बाद सुबह होने से पहले उनको छोड़ दिया गया। एसपी इस बात से नाराज हैं। इस पूरे मामले की जांच सीओ मोहम्मदी श्रेष्ठा ठाकुर को सौंपी गई है। सीओ ने अमीरनगर चौकी के सभी 10 सिपाहियों को चौकी से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है क्योंकि इस मामले में इनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। इसमें इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज समेत कई पर गाज गिर सकती है।
भाकियू (लोकतांत्रिक) ने 28 अगस्त को गोला में पंचायत की थी। इसमें कुंभी ब्लॉक के वीडीओ त्रिवेंद्र कुमार को बुलाया गया। उन्हें पंचायत में भाकियू लोकतांत्रिक नेताओं ने बहुत जलील किया था और अपशब्द भी कहे। इसका वीडियो मीडिया प्रभारी विकास शुक्ला ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया। इससे वीडीओ अवसाद में आ गए और बेइज्जती से परेशान होकर चार सितंबर को त्रिवेंद्र कुमार ने अपने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इसके आधार पर पुलिस ने पिता कोमल प्रसाद की तहरीर पर नौ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। उधर, घटना से आहत ब्लॉक कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए। कई दिन तक धरना-प्रदर्शन भी चला। पुलिस ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाना शुरू किया। इसमें पुलिस ने पांच आरोपियों को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन दो नामजदों की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए अमीरनगर चौकी पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को उठा लिया। उनको चौकी पर लाया गया। सूत्रों की माने तो चारो अभियुक्तों की गिरफ्तारी उस समय पुलिस की प्रतिष्ठा बनी हुई थी। एसपी ने तीन पर 25 हजार का इनाम तक घोषित किया। मगर, सिपाहियों और कुछ अन्य पुलिस कर्मियों ने अपने ही अफसरों की प्रतिष्ठा बचाने के बजाय खेल कर दिया। उच्चाधिकारियों को जब इस मामले की जानकारी हुई, तब तक आरोपी स्टे ले चुके थे। इनाम घोषित होने के बाद भी अभियुक्तों के स्टे लेने से पुलिस की काफी किरकिरी हुई। इसे लेकर एसपी थाना प्रभारी मोहम्मदी और अमीरनगर पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ से बेहद खफा हैं। उन्होंने इस मामले में इंस्पेक्टर और अमीरनगर चौकी स्टाफ की भूमिका की जांच सीओ मोहम्मदी श्रेष्ठा ठाकुर को सौंप दी। सीओ ने चौकी के सभी 10 सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से वहां से हटा दिया है। हालांकि एसपी और सीओ इन सिपाहियों को हटाने की वजह अपराधों पर अंकुश न लगाना बता रही हैं, लेकिन सब सिपाहियों को एक साथ हटाए जाने को वीडीओ प्रकरण से ही जोड़कर देखा जा रहा है। एसपी ने मामले में इंस्पेक्टर मोहम्मदी संजय त्यागी और चौकी इंचार्ज की भूमिका को भी संदिग्ध माना है। सीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कई और पुलिस कर्मियों पर गाज गिर सकती है।
वीडीओ सुसाइड केस में चारों अभियुक्तों की गिरफ्तारी में देरी हुई। तब तक उनको कोर्ट से स्टे लाने का मौका मिल गया। इसलिए मोहम्मदी इंस्पेक्टर और अमीरनगर चौकी स्टाफ की जांच सीओ मोहम्मदी को सौंपी गई है। पूनम, एसपी