फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीरा वन चौकी पर कहां से आई कीमती लकड़ी, नहीं बता पा रहे अफसर

विज्ञापन
विज्ञापन
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की भीरा वन चौकी पर सागौन की चार बोटा लकड़ी मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अभी तक यह नहीं पता लगाया जा सका है कि यह लकड़ी कहां से काटी गई। हालांकि दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन दावा कर रहा है कि किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी (वन्यजीव विहार) रेंज से यह लकड़ी काटी गई है। लेकिन यह लकड़ी भीरा की वन चौकी पर कैसे पहुंची और यहां यह अवैध रूप से किस तरह रखी है। यदि यह लकड़ी कहीं से बरामद हुई तो उसकी लिखा-पढ़ी क्यों नहीं की गई। वन विभाग खुद इन सवालों के घेरे में आ रहा है।
विज्ञापन

दो दिन पहले दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के भीरा रेंज अंतर्गत मैलानी-भीरा रोड पर स्थित वन चौकी पर दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर ने स्वयं छापा मारकर सागौन की चार बोटा लकड़ी बरामद की थी। वन चौकी पर तैनात वन कर्मी यह नहीं बता पा रहे हैं कि यह लकड़ी वन चौकी पर कहां से आई और कहां से काटी गई। वन चौकी जिस जगह पर स्थित है वहां से महज एक किलोमीटर दूरी पर मैलानी वन्यजीव विहार में सागौन का बड़ा जंगल है। माना जा रहा है कि यहीं से लकड़ी काटी गई। मैलानी रेंज (वन्यजीव विहार) दुधवा नेशनल पार्क का हिस्सा है और संरक्षित वन क्षेत्र है। पार्क क्षेत्र में कोई भी पेड़ किसी भी दशा में नहीं काटा जा सकता, चाहें वह सूखा ही क्यों न पड़ा हो। पेड़ के गिरने पर भी उसे हटाया नहीं जाता। यदि रास्ते पर गिर जाए तब भी पेड़ को हटाने के बजाय रास्ता बदल दिया जाता है। तो फिर दुधवा पार्क के संरक्षित क्षेत्र में यह पेड़ कैसे काटा गया, यह बड़ा सवाल है। इस मामले में भीरा वन चौकी पर तैनात वन कर्मी भी कार्रवाई की चपेट में आ सकते हैं।
डीटीआर बफरजोन की भीरा वन चौकी पर छापा मारकर सागौन की चार बोटा लकड़ी बरामद की थी। जांच की जा रही है कि यह लकड़ी कहां से काटी गई और वन चौकी पर कैसे रखी गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - मनोज सोनकर, उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें