लखीमपुर खीरी। पांच बीघा जमीन बेचने के बाद उसे पुन: हड़पने की नियत से पांच लोगों ने किसान की हत्या का तानाबाना बुन डाला। किसान की हत्या करने के लिए पेशेवर बदमाशों से पांच लाख रुपये में सौदा तय करने के बाद डेढ़ लाख रुपये दे भी दिए। लेकिन इससे पहले ही पुलिस तक खबर पहुंच गई और पुलिस की स्वॉट और सर्विलांस टीम ने तीन बदमाशों को धर दबोचा। इनके पास से तमंचे, 30 हजार रुपये, 250 ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ है। जबकि दो आरोपी भाग निकले।
पुलिस लाइन सभागार में एसपी पूनम ने बताया कि सूचना मिली थी कि तीन बदमाश किसी की हत्या करने की योजना बना रहे हैं। पलिया प्रभारी निरीक्षक डीके सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने रविवार रात 11.30 बजे बरमदेव मंदिर शारदापुल के पास दबिश देकर तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान मितौली के बंभिया निवासी श्याम सुंदर, हैदराबाद के निपनिया निवासी मंजीत और फूलबेहड़ के जोधपुर निवासी जाहिद के तौर पर हुई है। इन तीनों ने पूछताछ में बताया कि भीरा थाना के गांव सिक्खटांडा त्रिकोलिया निवासी साधु सिंह और सतेंद्र सिंह ने सिक्खटांडा निवासी निर्मल सिंह की हत्या करने की सुपारी दी थी। पांच लाख रुपये में सौदा हुआ, जिसकी पेशगी के तौर पर 1.50 लाख रुपये दिए थे।
एसपी ने हत्या की सुपारी देने की वजह के बारे में बताया कि साधु सिंह ने अपनी पांच बीघा जमीन निर्मल सिंह को 6.21 लाख रुपये में बेची थी। साधु सिंह ने बेईमानी की नियत से बैनामा नहीं किया, जिससे गांव में पंचायत के बाद पांच बीघे जमीन पर निर्मल सिंह ने कब्जा ले लिया। इससे बौखलाए साधु सिंह ने निर्मल सिंह की हत्या की साजिश रची, जिसमें गांव का ही सतेंद्र सिंह भी शामिल हो गया। सतेंद्र सिंह पर भी निर्मल सिंह का दो लाख रुपये खेत बटाई और ट्रैक्टर का बकाया था। सतेंद्र इसे वापस नहीं करना चाहता था। लिहाजा दोनों ने मिलकर योजना बनाई कि निर्मल सिंह को रास्ते से हटा दिया जाए तो साधु सिंह को जमीन मिल जाएगी और सतेंद्र को भी कर्जा अदा नहीं करना पड़ेगा।
पेशेवर बदमाश श्याम सुंदर पर दर्ज हैं कई मामले
एसपी ने बताया कि हत्या की सुपारी लेने वाले श्याम सुंदर के खिलाफ गैंगस्टर समेत दर्जन भर से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह पेशेवर अपराधी है। जाहिद पर भी सात मुकदमे दर्ज हैं।