मितौली। मारपीट में घायल व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली से गुस्साए परिजनों और बंजारा समाज के लोगों ने लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर सरायन नदी पुल के निकट शव रखकर जाम लगा दिया। इसका पता चलने पर मितौली और नीमगांव थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने पहले भीड़ को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे लोग नहीं मानें तो भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। भीड़ तितर बितर हो गई। इसके बाद शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान भेज दिया गया।
घटना में जान गंवाने वाला 35 वर्षीय जानी बंजारा मितौली थाना क्षेत्र के गांव नींबा टांडा का रहने वाला था। बताते हैं कि नीमगांव थाना क्षेत्र में कहीं 10 सितंबर को जानी बंजारा की गांव बरुई निवासी हरद्वारी लाल गुप्ता के साथ किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। इसमें जानी बंजारा गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मितौली अनिल कुमार सैनी और नीमगांव प्रभारी निरीक्षक गौरीशंकर पाल दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन पुलिस से नामजद अभियुक्त पर धारा 302 लगाने की मांग पर अड़े थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद धाराएं संशोधित करने की बात कही। प्रदर्शनकारी जब नहीं हटे तो थाना प्रभारी मितौली अनिल कुमार सैनी ने एक युवक को थप्पड़ मार दिया। इससे भीड़ उग्र हो गई। पुलिस को भीड़ खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने सड़क पर रखे शव को हटवाकर कब्रिस्तान भिजवा दिया, जहां परिजनों ने उसे दफना दिया।
आपस में दोस्त थे मृतक और आरोपी
मृतक जानी बंजारा और आरोपी हरद्वारी लाल गुप्ता दोनों आपस में दोस्त थे। मोहर्रम वाले दिन ताजिया दफनाने के बाद शाम को दोनों एक साथ देखे गए। इसके बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसमें जानी घायल हो गया, उसे मितौली सीएचसी में भर्ती कराया गया। अगले दिन 11 सितंबर को मितौली थाने में सूचना दी गई, लेकिन घटनास्थल थाना नीमगांव क्षेत्र का होने का हवाला देते हुए पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद परिजनों ने 13 सितंबर को नीमगांव थाने में आरोपी हरद्वारी लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की जांच एसआई राजेश चौधरी कर रहे हैं। 14 सितंबर को परिजनों ने जानी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान जानी की मौत हो गई।
मृतक की मां की तहरीर पर हरद्वारी पुत्र कल्लू पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। परिजन धारा 302 में तरमीम करने की मांग कर रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सुसंगत धाराओं में मुकदमा तरमीम करने की बात परिजनों को बताई गई। फिर भी कुछ लोग शव रोड पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। अब जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है, उसमें आंत फटना से मौत का कारण बताया गया है। रिपोर्ट का विश्लेषण किया जा रहा है। -गौरीशंकर पाल, प्रभारी निरीक्षक, नीमगांव