बेलरायां। बनावटी नागमणि, मोरपंख और ‘चमत्कारी’ बर्तन दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर बेलरायां चौैकी पुलिस ने तकियापुरवा गांव से एक नेपाली समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल एक नेपाली महिला मौके से भाग निकली। गिरोह में सात लोग शामिल हैं। ये सब एक सप्ताह से तकियापुरवा गांव के एक घर में शरण लेकर ठगी की योजना बना रहे थे।
कोतवाली प्रभारी विद्याराम दिवाकर ने बताया कि तकियापुरवा गांव के एक घर में ठगरों के ठहरे होने की जानकारी मिलने पर वहां उन्होंने दबिश दी। मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इसमें मिली ऑडियो रिकार्डिंग से खरीद फरोख्त से जुड़े कुछ अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। पकड़े गए आरोपियों में सुरेश कश्यप और इस्माइल तकियापुरवा गांव के हैं, जबकि तीसरा छक्कू राम नेपाल के धनगढ़ी का रहने वाला है। पुलिस के पहुंचने पर चार ही लोग वहां थे, मगर उनमें से भी एक नेपाली महिला भाग निकली। गिरोह के सभी लोगों के विरुद्ध कोतवाली तिकुनिया में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
चमकीले बर्तनों का लालच देकर करते थे ठगी
थाना निघासन क्षेत्र के मिर्जापुर, सुठियाना सहित कई ऐसे गांव हैं, जहां यूपी, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र के नागरिक नागमणि, मोरपंख और चमत्कारी बर्तन के चक्कर में ठगी का शिकार हो चुके हैं। जिले में दो मुंहा सांप की खरीद फरोख्त भी काफी सुर्खियों में रही है।
महंगे दामों पर बेचते हैं नकली नागमणि
ठगी का धंधा करने वाले गिरोह के सदस्य किसी चमकीली चीज को दिखाकर नागमणि के नाम पर लोगों को ठगने का काम करते हैं। अपने जाल में फंसाने के बाद इसका सौदा महंगे दाम पर करते हैं। ऐसे मामलों में कई प्रांतों के लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।